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यूपी में नई दुग्ध उत्पादन नीति : 5 साल में 5 हजार करोड़ का निवेश जुटाएगी सरकार, 1.25 लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार

Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद (UP Cabinet) ने उत्तर प्रदेश दुग्ध नीति-2018 को समाप्त करते हुए प्रस्तावित उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 (Uttar Pradesh Dairy Development and Dairy Product Promotion Policy-2022) को स्वीकृति प्रदान कर दी है। मंत्रिपरिषद ने किसी भी प्रकार की कठिनाई के निवारण और नीति में संशोधन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) को सक्षम बनाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की है।

उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 अधिसूचना निर्गत होने की तिथि 05 वर्षाें के लिए प्रभावी होगी। इसका प्रमुख उद्देश्य निवेशकों की सुविधा के लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण कर प्रदेश में दुग्ध आधारित उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करना, अगले 05 वर्षाें में 05 हजार करोड़ रुपये के पूंजी निवेश के लक्ष्य को प्राप्त करना, प्रदेश में दुग्ध प्रसंस्करण के स्तर को वर्तमान 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत तक ले जाना एवं दुग्ध प्रसंस्करण की स्थापित क्षमता को मार्केटेबल सरप्लस के 44 प्रतिशत से बढ़ाकर 65 प्रतिशत किया जाना है।

उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत प्रदेश में स्थापित होने वाली दुग्ध उद्योग की इकाइयों के लिए पूंजीगत निवेश अनुदान, ब्याज उपादान, बाजार विकास एवं ब्राण्ड प्रोत्साहन, मानकीकरण प्रोत्साहन, पेटेंट, डिजाइन पंजीकरण प्रोत्साहन, विद्युत शुल्क, विद्युत एवं स्टाम्प शुल्क प्रतिपूर्ति तथा प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड के सुधार के प्रावधान किये गये हैं।

प्रस्तावित नीति में विभिन्न एफपीओ, एमपीसी, प्रदेश की सहकारी संस्थाओं एवं निजी क्षेत्र के उद्यमियों को नवीन दुग्ध प्रसंस्करण एवं दुग्ध उत्पाद विनिर्माण दुग्धशाला इकाई की स्थापना एवं क्षमता विस्तारीकरण (विद्यमान क्षमता में न्यूनतम 25 प्रतिशत की वृद्धि), नवीन पशु आहार एवं पशु पोषण उत्पाद निर्माणशाला इकाई की स्थापना एवं क्षमता विस्तारीकरण (विद्यमान क्षमता में न्यूनतम 25 प्रतिशत की वृद्धि), सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्षेत्र के अन्तर्गत मूल्य संवर्धित दुग्ध उत्पाद जैसे चीज, आइसक्रीम इत्यादि का विनिर्माण करने वाली नवीन इकाई की स्थापना, नवीन डेयरी तकनीक एवं सूचना प्रौद्योगिकी यथा ट्रेसेबिलिटी के उपकरणों एवं सहवर्ती सॉफ्टवेयर जैसे स्काडा (एससीएडीए) सिस्टम की स्थापना व कोल्ड चेन की स्थापना के लिए सहायता प्रदान की जाएगी।

उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के अन्तर्गत प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 1.25 लाख नये रोजगार का सृजन अनुमानित है। नवीन नीति के लागू होने की तिथि तक वे इकाइयां, जिन्हें उत्तर प्रदेश दुग्ध नीति-2018 के अन्तर्गत विभिन्न अनुदान, रियायतें स्वीकृत की जा चुकी हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश दुग्ध नीति-2018 के प्रावधानों के अनुसार अवशेष लाभ अनुमन्य होगा।

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