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Deoria News : रामजानकी मार्ग के लिए देवरिया के 45 गांवों की भूमि अधिग्रहित होगी, सीमांकन की तैयारी शुरू

Deoria News : रामजानकी मार्ग (Ramjanaki Marg NH-227A) के चौड़ीकरण में देवरिया के करीब 45 गांव की भूमि अधिग्रहित होगी। इसके लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। इन गांवों के प्रभावित किसानों की अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का सीमांकन कर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। राजस्व कर्मी और डिप्टी लैंड एक्विजिशन कार्यालय के अमीन संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर भूमि का सीमांकन करेंगे।

यहां होना है काम
दरअसल भारतमाला परियोजना (Bharatmala Project) के तहत गोरखपुर के बड़हलगंज से मेहरौना घाट के बीच 130 किमी से 191 किमी, कुल 61 किलोमीटर लंबे राम जानकी मार्ग का चौड़ीकरण प्रस्तावित है। देवरिया जिले में इसकी लंबाई 40 किलोमीटर है। फिलहाल इस रोड की चौड़ाई 7 मीटर है।

ये है प्लान
चौड़ीकरण के प्रस्ताव के मुताबिक गोरखपुर की सीमा से कुंडौली तक इस मार्ग को 10 मीटर चौड़ा और कुंडली से मेहरौना बॉर्डर तक फोरलेन का बनाया जाएगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार की परियोजना कार्यालय इकाई गोरखपुर इस मार्ग के चौड़ीकरण का काम कराएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 के मुताबिक भूमि अधिग्रहण के लिए सदर तहसीलदार को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।

45 गांवों की जमीन जाएगी
रामजानकी मार्ग चौड़ीकरण में सलेमपुर तहसील के 22 और बरहज के 23, कुल 45 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इसके लिए सितंबर में अधिसूचना जारी की गई थी। विवाद से बचने के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का पहले चिन्हांकन होगा। सभी विभाग समन्वय बनाकर भूमि चिन्हित कर सीमांकन करेंगे। परियोजना निदेशक गोरखपुर मनीष कुमार चौहान ने पत्र भेजकर सक्षम अधिकारी और डिप्टी लैंड एक्वजीशन अधिकारी को स्थलीय निरीक्षण कराने के लिए कहा है।

पेंच फंस सकता है
हालांकि भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में पेज फंसने की संभावना दिखाई दे रही है। दरअसल रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण में भूमिधरी, ग्राम सभा की जमीन और आबादी की भूमि अधिग्रहित होगी। इसमें आबादी की भूमि को अधिसूचना के अन्य कैटेगरी में रखा गया है। इस वजह से आबादी की भूमि पर मुआवजा मिलने में परेशानी हो सकती है।

मुआवजे में आ सकती है समस्या
किसानों का कहना है कि आबादी की भूमि का स्वामित्व योजना के तहत मालिकाना हक कृषकों को दिया जा रहा है। लेकिन अधिग्रहण की प्रक्रिया में इसे अन्य श्रेणी में दिखाने से मुआवजे में समस्या सकती है। तहसीलदार सदर और डिप्टी लैंड एक्विजिशन अधिकारी आनंद कुमार नायक ने बताया कि जल्द ही अधिग्रहित की जाने वाले गांव में भूमि चिन्हित कर उसका सीमांकन कराया जाएगा।

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