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महिलाओं के बनाए उत्पादों से सजा मां का दरबार : विंध्यधाम और देवीपाटन समेत कई शहरों में हो रही सामानों की बिक्री

Uttar Pradesh : योगी सरकार महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान पर विशेष ध्यान दे रही है। स्वयं सहायता समूह से 72 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। इन्हें काम देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी सरकार ने काफी प्रयास किया गया है। महिला कल्याण योगी सरकार की प्राथमिकता में है।

इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पाद नवरात्रि पर मां के दरबार की शोभा बढ़ा रहे हैं। महिलाओं ने धूप, अगरबत्ती, हवन सामग्री, गाय के गोबर के दीप, चुनरी, माला, आसनी, प्रसाद व व्रत से जुड़ी खाद्य सामग्रियां भी बनाई हैं। इसमें यूपी के सभी जिलों की महिलाओं ने उत्पाद तैयार किए हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर रोजगार से जोड़ने की यह योजना काफी कारगर हो रही है।

प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में नवरात्रि से जुड़े उत्पादों का समूह द्वारा न सिर्फ निर्माण किया गया, बल्कि प्रमुख बाजारों में दुकानें लगाकर बिक्री का कार्य भी किया जा रहा है। इससे समूह की महिलाओं को अच्छी आय भी हो रही है। समूह के उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री भी काफी बड़े पैमाने पर हो रही है। प्रदेश के साथ-साथ देश के प्रत्येक कोने से इन समूहों को ऑनलाइन आर्डर प्राप्त हो रहे हैं।

धूप बत्ती से महक रहे मंदिर, चुनरी से बढ़ी दरबार की शोभा
नवरात्रि में मां के नौ रूपों की पूजा होती है। गौ माता के संरक्षण को बल देने के लिए गौ उत्पादों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। धूप, अगरबत्ती, हवन सामग्री, मूर्ति, छोटे-छोटे गमले भी तैयार किए गए। बहराइच, बस्ती, कानपुर, लखनऊ, चित्रकूट आदि शहरों की महिलाओं ने विशेष रूप से क्ले मूर्ति का निर्माण किया है। वहीं गोबर से बनी देवी-देवताओं की मूर्तियां भी तैयार की गईं। इन्हें मुजफ्फरनगर, हरदोई, झांसी, प्रयागराज आदि जगहों पर विशेष रूप से तैयार किया गया।

विंध्यधाम से देवीपाटन तक गईं चुनरी
मां को लाल रंग पसंद है। नवरात्रि में मां को चुनरी चढ़ाने की परंपरा है। अलीगढ़, आजमगढ़, झांसी, वाराणसी, मिर्जापुर व चित्रकूट आदि जिलों की महिलाओं ने विशेष रूप से चुनरी तैयार की है। यह चुनरी विंध्यधाम से लेकर देवीपाटन और यूपी के अन्य शहरों के मंदिरों में भी मां को अर्पित की जाएंगी।

बागपत, हरदोई, सोनभद्र, लखीमपुर खीरी, प्रयागराज का दोना पत्तल, हाथरस, महराजगंज, कानपुर नगर, हमीरपुर, गाजियाबाद, उन्नाव आदि से दोना-पत्तल आदि का निर्माण किया गया। समूहों को मिले ऑर्डर महिलाओं को रोजगार व आत्मनिर्भर बना रहे हैं। पर्व-त्योहारों पर मिले यह ऑर्डर महिलाओं को सम्मान भी दिला रहे हैं। साथ ही उचित दामों पर यह उत्पाद प्राप्त हो रहे हैं।

समूह से जुड़ी हैं 72 लाख से अधिक महिलाएं
यूपी में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 72.69 लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को छह लाख 93 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। इन समूहों के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य होता है। नवरात्रि में समूह की महिलाओं के द्वारा किए गए कार्यों से करोड़ों के कारोबार होने का अनुमान है।

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