उत्तर प्रदेशखबरें

यूपी में चालकों का होगा पुलिस वेरिफिकेशन : 3 महीने में 18 सेफ सिटी वाला पहला राज्य बनेगा, पढ़ें पूरा प्लान

Uttar Pradesh : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर सेफ सिटी परियोजना के कार्यां की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में क्रियान्वित सेफ सिटी परियोजना के विस्तार की कार्ययोजना का अवलोकन किया। उन्होंने नगर निगम मुख्यालय वाले सभी शहरों तथा जनपद गौतमबुद्ध नगर मुख्यालय को सेफ सिटी के रूप में अपडेट करने के सम्बन्ध में आदेश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश के हर नागरिक की सुरक्षा और उनके विकास के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। इस दिशा में विगत 06 वर्षां में किए गए प्रयासों के आशातीत परिणाम मिले हैं। आज प्रदेश में हर महिला, हर व्यापारी सुरक्षित है। लोगों में अपनी सुरक्षा के प्रति एक विश्वास है। यह विश्वास सतत बना रहे, इसके लिए हमें 24*7 अलर्ट मोड में रहना होगा।

सीएम ने कहा कि महिला सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन सुनिश्चित करने के संकल्प की पूर्ति में ‘सेफ सिटी परियोजना’ अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। प्रदेश में इस परियोजना के माध्यम से लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के अन्तर्गत मॉडर्न कण्ट्रोल रूम, पिंक पुलिस बूथ, आशा ज्योति केन्द्र, सीसीटीवी कैमरे, महिला थानों में परामर्शदाताओं के लिए हेल्प डेस्क, बसों में पैनिक बटन व अन्य सुरक्षा उपायों को लागू करने में सहायता मिली है। अब हमें इसे और विस्तार देना होगा।

उन्होंने निर्देशित किया कि अन्तर्विभागीय समन्वय और कन्वर्जेंस के माध्यम से वित्तीय प्रबन्धन करते हुए प्रथम चरण में सभी 17 नगर निगमों और गौतमबुद्धनगर को सेफ सिटी के रूप में विकसित किया जाए। दूसरे चरण में 57 जनपद मुख्यालयों की नगर पालिका परिषदों और फिर तीसरे चरण में 143 नगर पालिका परिषदों को सेफ सिटी परियोजना से जोड़ा जाए। ऐसे सभी नगरों के प्रवेश द्वार पर सेफ सिटी का बोर्ड लगा कर इसकी विशिष्ट ब्राण्डिंग भी की जाए। इस प्रकार, उत्तर प्रदेश सर्वाधिक सेफ सिटीज़ वाला देश पहला राज्य हो सकेगा। सेफ सिटी परियोजना अत्यन्त महत्वपूर्ण है। हमें आगामी 03 माह की अवधि में प्रथम चरण का कार्य पूरा करना होगा। सम्बन्धित विभाग को दी गई जिम्मेदारी तय समय-सीमा में पूरी की जाएं। मुख्य सचिव द्वारा सेफ सिटी के कार्यां की प्रगति की पाक्षिक समीक्षा की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में सेफ सिटी परियोजना महिलाओं की सुरक्षा पर केन्द्रित है। हमें इसे विस्तार देते हुए बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगजन की सुरक्षा से भी जोड़ना चाहिए। सेफ सिटी के माध्यम से सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों व दिव्यांगजन के लिए एक सुरक्षित, संरक्षित एवं सशक्त वातावरण बनाने की मुहिम को आवश्यक तेजी मिलेगी। स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत स्थापित इण्टीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेण्ट सिस्टम से शहरों की सुरक्षा व्यवस्था स्मार्ट हुई है। व्यापारियों का सहयोग लेकर शहर में अधिकाधिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।

सीएम ने निर्देशित किया कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। इसके सम्बन्ध में एक स्टैण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार करें। यह कार्य शीर्ष प्राथमिकता के साथ कराया जाए। थानों में जहां जनसुनवाई होती हो, वहां कैमरे जरूर लगें। सभी कैमरों की गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए। प्रत्येक माह में एक बार जनपद स्तर पर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों व दिव्यांगजन के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करें। उनकी समस्याएं सुनें, यथोचित समाधान करें। सफल महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांगजन की पहचान कर उन्हें रोल मॉडल के रूप में प्रस्तुत करें। यह प्रयास अन्य लोगों के लिए प्रेरक होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीसी/ एनएसएस स्वयंसेविकाओं को सेफ सिटी स्वयंसेवी के रूप में दायित्व सौंपा जाना चाहिए। इन स्वयंसेविकाओं को निकटतम पिंक बूथ के सम्पर्क में रखा जाना चाहिए। विशेष परिस्थितियों में इन स्वयंसेविकाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। दिव्यांगजन के लिए साइनेज आदि पर ब्रेल लिपि में सूचनाएं लिखी जानी चाहिए। मेट्रो रेल में दिव्यांगजन के लिए अनेक सुविधाजनक प्रबन्ध हैं। ऐसे ही प्रयास सभी सार्वजनिक स्थानों पर किए जाने चाहिए। विक्षिप्त व्यक्तियों अथवा भिक्षावृत्ति कर रहे लोगों के व्यवस्थित पुनर्वास के लिए समाज कल्याण विभाग और नगर विकास विभाग मिलकर कार्य करें। अनेक स्वयंसेवी संस्थाएं इस क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रही हैं, उन्हें जोड़ें और उनका आवश्यक सहयोग करें।

सीएम ने कहा कि सेफ सिटी की परिकल्पना को साकार करने के लिए सार्वजनिक परिवहन वाले वाहन चालकों का सत्यापन आवश्यक है। ऐसे में, टैक्सी, ई-रिक्शा, ऑटो, टेम्पो आदि वाहन चालकों का विधिवत पुलिस वेरिफिकेशन किया जाए। नगर विकास विभाग और परिवहन विभाग मिलकर सभी नगरों में ई-रिक्शा के लिए रूट तय करें। यह सुनिश्चित करें कि तय सीमा से अधिक सवारी न बैठायी जाए। नगरों में निवासरत किरायेदारों के बारे में भी निकटतम थाने के पास पूरी जानकारी जरूर हो।

सेफ सिटी पोर्टल का भी विकास करें। इससे ऐसे सभी विभागों को जोड़ा जाए, जिनके द्वारा महिला, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के हित में कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सड़क किनारे प्रचार-प्रसार के लिए लगे होर्डिंग स्टैण्ड/ यूनिपोल आदि को ‘स्मार्ट सिटी’ की तर्ज पर व्यवस्थित किया जाए। एक प्रदेशव्यापी अभियान चलाकर सभी नगरों में डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएं। अवैध होर्डिंग स्टैण्ड कतई न हों, इन्हें तत्काल हटाया जाए। यह आधुनिक डिस्प्ले स्थानीय निकायों के लिए राजस्व संग्रह का साधन भी बनेंगे।

Related posts

खुशखबरी : देश की सबसे बड़ी तैरती सौर ऊर्जा परियोजना चालू हुई, जानें क्यों है ये खास और क्या फायदे मिलेंगे

Harindra Kumar Rai

DEORIA BREAKING : डीएम ने रुद्रपुर के एसडीएम, तहसीलदार और कानूनगो को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया, इस वजह से हुआ एक्शन

Abhishek Kumar Rai

जेपी नड्डा का कार्यकाल बढ़ने पर भाजपाइयों में खुशी : जिलाध्यक्ष अंतर्यामी सिंह ने मिठाई खिला कर किया इजहार

Satyendra Kr Vishwakarma

देवरिया में 10 BDO का वेतन रूका : सीडीओ की कार्रवाई से मचा हड़कंप, जानें सभी ब्लॉक के नाम

Abhishek Kumar Rai

एक्शन में सीडीओ : घटिया सामग्री मिलने पर तकनीकी सहायक पर कार्रवाई, दो को चेतावनी

Abhishek Kumar Rai

स्नातक निर्वाचन वोटर लिस्ट से जुड़ी तिथियां जारी : डीएम ने सभी दलों के साथ की बैठक, दी ये जानकारी  

Sunil Kumar Rai
error: Content is protected !!