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यूपी के करोड़ों छात्रों के लिए जरूरी खबर : स्कॉलरशिप फॉर्म भरने की तिथि बढ़ी, साथ रखें ये महत्वपूर्ण पेपर

-पारदर्शिता व समयबद्धता लाने के लिए छात्रवृत्ति को पूर्णतया कम्प्यूटरीकृत किया गया
-वित्तीय वर्ष 2021-22 में 800 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान
 

Uttar Pradesh : सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की अगुवाई में प्रदेश में डिजिटल और तकनीक को बल मिला है। प्रदेश में समाज कल्याण विभाग ने छात्रवृत्ति वितरण योजना (Scholarship Scheme) में पारदर्शिता एवं समयबद्धता लाने के लिए प्रक्रिया को पूर्णतया कम्प्यूटरीकृत कर दिया है। इससे सूबे के करोड़ों बच्चों को लाभ मिलेगा। उन्हें समय़ पर छात्रवृत्ति मिल सकेगी और पारदर्शी ढंग से इसका वितरण भी हो सकेगा।

इस संबंध में समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने बताया, छात्रों के लिए छात्रवृत्ति आवेदन पत्र ऑनलाइन भरने और आधार प्रमाणीकरण की अनिवार्य व्यवस्था लागू की गई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में इस योजना से कुल 362511 छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अनुसूचित जाति के लिए 800 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया गया है। इसमें राज्य का अंश 40 प्रतिशत निर्धारित है। भारत सरकार के नवीन नियमावली व निर्देर्शों के अनुसार 60 प्रतिशत केन्द्रांश की धनराशि भारत सरकार सीधे छात्र-छात्राओं के खाते में ट्रांसफर करती है।

तिथि बढ़ाई गई

जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. प्रज्ञा पांडेय ने बताया कि आवेदन के इस दूसरे चरण में कक्षा 9 और 10 के सभी छूटे छात्र-छात्राएं विभागीय पोर्टल पर 29 अक्तूबर से 19 नवम्बर के बीच ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इन छात्र-छात्राओं के बैंक खाते में 27 दिसंबर तक छात्रवृत्ति की धनराशि भेज दी जाएगी। जबकि कक्षा 11 और 12 व दशमोत्तर के छात्र-छात्राएं 30 नवम्बर तक आवेदन कर सकते हैं। दिसम्बर के अंत में इन सभी की छात्रवृत्ति आ जाएगी।

4150 छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया जा चुका है

समाज कल्याण विभाग प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे सिविल सेवा, जेईई, नीट, एनडीए, सीडीएस इत्यादि के लिए प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को निःशुल्क साक्षात्कार व ऑनलाइन प्रशिक्षण देने के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना चला रहा है। समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने योजना के संबंध में बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक 4150 छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया जा चुका है। इस योजना से ग्रामीण क्षेत्र तथा निर्बल आय वाले परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करायी जाती है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित परीक्षाओं के स्तर समय-समय पर परिवर्तित होते पाठयक्रमों के अनुरूप विषय विशेषज्ञों के अनुसार समुचित प्रशिक्षण व शिक्षा प्रदान की जाती है।

3 अरब 43 करोड़ जारी

प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी सेवाएं योजना के लिए समन्वित बाल विकास योजना तथा जिला स्तरीय स्टाफ की व्यवस्था के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में निर्धारित धनराशि के सापेक्ष तृतीय त्रैमास के लिए 3 अरब 43 करोड़ 64 लाख 67 हजार रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गयी है। इस सबंध में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने आवश्यक शासनादेश जारी कर दिया है। जारी शासनादेश के अनुसार वित्तीय वर्ष 2021-22 में आईसीडीएस कार्यक्रम के अन्तर्गत व्ययों को वहन करने के लिए प्राविधानित धनराशि 223440.27 लाख रुपये के सापेक्ष तृतीय त्रैमास के 2 महीने के सम्भावित व्यय के लिए आवश्यक धनराशि 34364.67 लाख रुपये (3 अरब 43 करोड़ 64 लाख 67 हजार) की स्वीकृति शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन प्रदान की गयी है।

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