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मुख्यमंत्री आदित्यनाथ बोले- उत्तर प्रदेश पर प्रकृति और परमात्मा की असीम कृपा है, जानें इसके मायने

Uttar Pradesh : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की अगुवाई में उत्तर प्रदेश में कानून -व्यवस्था के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देना और प्रदूषण की रोकथाम के लिए युद्धस्तर पर काम हो रहा है। साल 2017 में प्रदेश में वर्तमान सरकार के बनने पर एनजीटी (National Green Tribunal) के आदेशों का पालन करते हुए अवैध बूचड़खानों को बन्द करा दिया गया। यह बूचड़खाने बीमारी का कारण बनते थे।

देश-प्रदेश में 10 करोड़ परिवारों को स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत जोड़ा गया है। प्रदेश में 2017 के बाद 2 करोड़ 61 लाख परिवारों को व्यक्तिगत शौचालय प्रदान किये गये। वर्तमान में प्रत्येक प्रदेश के 59 हजार ग्राम पंचायतों में एक-एक सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे उस गांव में कहीं गन्दगी न होने पाए।

256 डार्क जोन थे

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पर प्रकृति और परमात्मा की असीम कृपा है। प्रदेश की भूमि दुनिया से सबसे उर्वरा भूमि है। साथ ही, दुनिया में सबसे अच्छा जलसंसाधन भी उपलब्ध है। वर्ष 2017 में प्रदेश सरकार के बनने पर उत्तर प्रदेश के 823 विकासखण्ड में 256 डार्क जोन में थे। डार्क जोन से उबारने के लिए प्रदेश सरकार ने विशेष अभियान चलाए। इस क्रम में प्लास्टिक को बैन किया गया। देश के अन्दर प्लास्टिक को बैन करने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य था।

माटी कला बोर्ड का गठन किया

सीएम ने आगे कहा,  राज्य सरकार ने माटी कला बोर्ड का गठन किया। माटी कला बोर्ड के तहत कुम्हारी कला को आगे बढ़ाने के लिए कुम्भकारों को अप्रैल से जून तक तालाब से निःशुल्क मिट्टी निकालने की सुविधा दी गयी है। इससे तालाब जल संरक्षण के लिए तैयार हो गये। इसके साथ ही, प्लास्टिक और थर्माकोल के बर्तनों के विकल्प के रूप में मिट्टी के बर्तन भी उपलब्ध हुए। कुम्भकारों को तकनीक से जोड़ने के लिए परम्परागत चाक की जगह पर सोलर व इलेक्ट्रिक चाक प्रदान किया गया। राज्य सरकार को इस योजना के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए।

योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ा कार्यक्रम

उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक वर्ष 1 से 7 जुलाई तक वन महोत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसके तहत प्रदेश सरकार ने वृक्षारोपण के लिए सभी विभागों के समन्वय से कार्रवाई की गयी। पहले वर्ष साढ़े पांच करोड़ वृक्ष, दूसरे वर्ष 11 करोड़ वृक्ष, तीसरे वर्ष 22 करोड़, चैथे वर्ष 25 करोड़ से अधिक और पांचवे वर्ष 30 करोड़ से अधिक वृक्षारोपण किया गया। वृक्षारोपण महा महोत्सव में यूकेलिप्टस, पापुलर के स्थान पर पीपल, पाकड़, नीम, जामुन, अर्जुन, आंवला जैसे पौधों की नर्सरी तैयार कराकर रोपने को वरीयता दी गयी।

100 करोड़ वृक्ष लगाए

मुख्यमंत्री ने कहा, प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित 43 लाख परिवारों को सहजन का पेड़ लगाकार आवास प्रदान किया है। सहजन के पौधे से सब्जी के रूप में प्रोटीन और मिनरल पर्याप्त मात्रा में प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 5 वर्ष में 100 करोड़ पेड़ लगाने के साथ ही, 100 वर्ष पुराने वृक्षों को संरक्षित करने का कार्य किया है। बाराबंकी जनपद में 5,000 वर्ष पुराना एक हेरिटेज वृक्ष मौजूद है। दुधवा नेशनल पार्क ईको टूरिजम का एक बड़ा पार्क है।

कोविड काल में महसूस हुआ

सीएम ने आगे कहा, यह देखने में आ रहा है कि प्रकृति के नजदीक रहने पर रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर रहती है। कोरोना कालखण्ड के दौरान इसका उदाहरण देखने को मिला। उत्तर प्रदेश की जनसंख्या अमेरिका की जनसंख्या से चार गुना होने के बावजूद कोरोना कालखण्ड के दौरान अमेरिका में कोरोना से होने वाली मौतें भारत की तुलना में डेढ़ गुना ज्यादा थी। यह कहीं न कहीं प्रकृति के साथ समन्वय के लिए प्रेरित करता है।

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