उत्तर प्रदेशखबरें

PAC Deekshant Parade : सीएम योगी ने कहा- 54 पीएसी कम्पनियों को समाप्त करना सुरक्षा में सेंध लगाने की एक साजिश थी

Uttar Pradesh : सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि प्रदेश को अपराध मुक्त तथा भय मुक्त बनाये रखने और विधि का अनुपालन करते हुए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा बोध कराने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश पुलिस बल की है।

उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के मन में एक विश्वास उत्पन्न हुआ है। वह विश्वास है कि अगर हम कानून का सम्मान करेंगे, तो कानून भी हमें संरक्षण देगा। हमारे जवानों को कानून की राज्य की स्थापना के लिए अपनी पूरी निष्ठा व मनोयोग के साथ कार्य करना है।

दीक्षान्त परेड की सलामी ली

मुख्यमंत्री मंगलवार को रिजर्व पुलिस लाइन्स लखनऊ में आयोजित पीएसी रिक्रूट आरक्षियों के दीक्षान्त परेड कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 399 पीएसी रिक्रूट आरक्षियों की दीक्षान्त परेड की सलामी ली। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में चयनित 15,487 पीएसी रिक्रूट आरक्षियों का आधारभूत प्रशिक्षण जनवरी, 2022 में प्रारम्भ हुआ था। 06 माह के अपने सफलतम प्रशिक्षण के उपरान्त प्रदेश के 87 केन्द्रों में इस दीक्षान्त परेड का आयोजन किया जा रहा है।

भर्ती की प्रक्रिया लम्बित पड़ी हुई थी

सीएम ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में नई सरकार के गठन के समय उत्तर प्रदेश पुलिस बल के भारी संख्या में पुलिस व पीएसी भर्ती की प्रक्रिया लम्बित पड़ी हुई थी। प्रदेश की 54 पीएसी कम्पनियों को समाप्त कर दिया गया था। यह प्रदेश की सुरक्षा में सेंध लगाने की एक साजिश थी। नौजवानों को प्रदेश व देश की सेवा करने से रोकने का कुत्सित प्रयास किया गया था। विगत 05 वर्षाें के दौरान प्रदेश सरकार ने 01 लाख 62 हजार से अधिक पुलिस व पीएसी कार्मिकों की सफलतापूर्वक भर्ती कर प्रशिक्षण प्रदान किया।

दशकों से लम्बित थीं

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पुलिस एवं पीएसी कार्मिकों की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के साथ ही उनके प्रशिक्षण केन्द्रों के विस्तार, कार्मिकों की अवस्थापना सुविधाओं, आवासीय सुविधाओं और बैरकों सहित अन्य सुविधाएं देने की कार्यवाही को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने का कार्य किया गया। प्रदेश मंे पदोन्नति की प्रक्रिया जो दशकों से लम्बित थीं। प्रदेश सरकार ने भर्ती की प्रक्रिया के साथ ही कार्यरत पुलिस कार्मिकों की प्रोन्नति प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने का कार्य किया, जिससे वे अपने उच्च मनोबल के माध्यम से पूर्ण मनोयोग एवं निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी पुलिस लाइन्स, पीएसी रिक्रूटमेण्ट सेण्टर और अन्य प्रशिक्षण केन्द्रों को पर्याप्त मात्रा में बुनियादी सुविधाओं से आच्छादित करने का कार्य किया गया है।

सर्वत्र सराहना हो रही है

मुख्यमंत्री ने कहा कि दक्ष व प्रशिक्षित पुलिस बल द्वारा उच्च मनोबल के साथ कार्य किये जाने पर, वह पूर्ण मनोयोग व निष्ठा से प्रदेश की छवि को सुधारने मंे बड़ी भूमिका का निर्वहन करता है। उत्तर प्रदेश के साथ यही हुआ। विगत 05 वर्षों में प्रदेश के बारे में देश और दुनिया की जो धारणाएं थी उन धारणाओं को प्रदेश की बेहतरीन कानून-व्यवस्था के माध्यम से पूरी तरह बदलने का कार्य किया गया। आज जिसकी सर्वत्र सराहना हो रही है। 05 वर्ष पूर्व प्रदेश के युवाओं को अपनी पहचान छिपाने के लिए मजबूर होना पड़ता था, आज प्रदेश का नौजवान बड़े गौरव के साथ कह सकता है कि वह भारत के हृदयस्थल उत्तर प्रदेश का निवासी है। ऐसा तभी सम्भव हो पाया, जब प्रदेश के पुलिस व पीएसी बल के सभी कार्मिकों ने पूरी निष्ठा व पूरे मनोयोग के साथ नेशन फर्स्ट की अपनी प्रतिज्ञा के अनुरूप कार्य करते हुए बेहतर परिणाम दिये।

एक भी दंगा नहीं हुआ है

सीएम ने कहा कि विगत 05 वर्षाें में बेहतरीन कानून-व्यवस्था के परिणामस्वरूप प्रदेश में निवेश और रोजगार की असीम सम्भावनाएं विकसित हुईं। इससे लाखों नौजवानों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। प्रदेश के हर एक तबके के मन में सुरक्षा का भाव पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नई सरकार के गठन के 100 दिन के अन्दर बेहतरीन परिणाम आये हैं। यह पूरे देश के लिए आश्चर्य का विषय है। प्रदेश में शान्ति और सौहार्द पूरी मजबूती के साथ देखने को मिली है। विगत 05 वर्षाें में प्रदेश में एक भी दंगा नहीं हुआ है।

वर्चुअल क्लासरूम की सुविधा उपलब्ध करायी गयी

सीएम ने कहा कि वर्ष 2018 में प्रदेश में डिजिटल प्रशिक्षण के लिए सभी आरटीसी में वर्चुअल क्लासरूम की सुविधा उपलब्ध करायी गयी। वर्ष 2019 में पहली बार पुलिस प्रशिक्षुओं को तकनीकी विषयों का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए, लर्निंग मैनेजमेण्ट सिस्टम तथा डिजिटल कण्टेण्ट का शुभारम्भ प्रदेश में किया गया। इसके माध्यम से प्रदेश के 31 केन्द्रों पर स्थापित वर्चुअल क्लासरूम में प्रशिक्षुआंें को साइबर अपराध आदि तकनीकी विषयों का प्रशिक्षण विशेषज्ञों द्वारा प्रदान कराया जा रहा है।

विशेष सुधार परिलक्षित हो रहा है

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में प्रशिक्षण क्षमता में वृद्धि करने के साथ ही 02 नए पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय स्थापित किए गए हैं। पहली बार 09 प्रशिक्षण संस्थानों में बेहतर आउटडोर एवं टर्नआउट हेतु ड्रिल नर्सरी स्थापित की गई है, जिसके फलस्वरूप पुलिस प्रशिक्षुओं की ड्रिल में विशेष सुधार परिलक्षित हो रहा है। प्रथम बार प्रशिक्षण संस्थानों में स्टेट ऑफ द आर्ट साइबर क्राइम फॉरेंसिक ट्रेनिंग लैब की स्थापना की गई, जिसमें अत्याधुनिक साइबर टूल्स के सम्बन्ध में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

पहली बार होने जा रही है

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोतवाल धन सिंह गुर्जर अत्याधुनिक पुलिस ट्रेनिंग सेण्टर, पीटीएस मेरठ को अत्याधुनिक स्टेट ऑफ द आर्ट हाइटेक प्रशिक्षण केन्द्र बनाया जा रहा है। इस हाइटेक प्रशिक्षण केन्द्र पर साइबर अपराध के अलावा, फॉरेंसिक, ड्रोन के प्रशिक्षण की व्यवस्था प्रदेश में पहली बार होने जा रही है। ड्रोन के प्रशिक्षण के लिए प्रदेश में पहली बार प्रशिक्षण केन्द्र बनेगा। समस्त प्रशिक्षण संस्थानों को उच्चीकृत कर वहां पर फायरिंग आर्म्स सिमुलेटर तथा ड्राइविंग सिमुलेटर की स्थापना प्रस्तावित है, ताकि पुलिस बल की कार्यदक्षता में वृद्धि हो।

प्रदेश पुलिस के लिए गौरवपूर्ण है

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहली बार यूपीएसएसएफ तथा जेल वॉर्डन के प्रशिक्षण की व्यवस्था प्रारम्भ की गई है। पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2020-21 के लिए पुलिस प्रशिक्षण में उत्कृष्टता के लिए केन्द्रीय गृह मंत्री के पदक के लिए पुरस्कार विजेताओं के नाम घोषित किए गए हैं। इसमें उत्तर प्रदेश के पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों को समस्त प्रदेशों में प्रथम स्थान तथा सम्पूर्ण भारत में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। यह उपलब्धि प्रदेश पुलिस के लिए गौरवपूर्ण है।

पुलिस बल के गौरव को बढ़ाएंगे

सीएम योगी ने कहा कि सम्पूर्ण भारत के सबसे बड़े पुलिस बल उत्तर प्रदेश पुलिस में प्रशिक्षण तथा अनुशासन का अत्यधिक महत्व है। आज यहां सभी प्रशिक्षुओं ने कठोर परिश्रम एवं रुचि लेकर प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा भव्य परेड की प्रस्तुति दी। इसके लिए प्रशिक्षुओं को हार्दिक बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि प्रशिक्षण का उपयोग करते हुए कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपनी सार्थकता स्थापित करेंगे तथा राज्य एवं पुलिस बल के गौरव को बढ़ाएंगे।

पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र प्रदान किया

दीक्षान्त परेड कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष पीएसी रिक्रूट आरक्षियों की 16 टोलियों द्वारा परेड प्रस्तुत की गयी। मुख्यमंत्री ने पीएसी रिक्रूट आरक्षियों को शपथ ग्रहण करायी। इस अवसर पर उन्होंने पीएसी के रिक्रूट आरक्षियों आयुष सिंह को सर्वांग सर्वाेत्तम, राजा पाण्डेय को परेड कमाण्डर प्रथम, अमन पाण्डेय को परेड कमाण्डर द्वितीय, योगेन्द्र अवस्थी को परेड कमाण्डर तृतीय का पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने पीएसी रिक्रूट आरक्षियों के दीक्षान्त परेड का निरीक्षण किया।

प्रशिक्षण प्रदान किया गया है

पुलिस महानिदेशक डॉ देवेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि यह परेड पीएसी रिक्रूट आरक्षियों द्वारा 06 माह का कठिन प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात आयोजित की जा रही है। इन रिक्रूट आरक्षियों का चयन पारदर्शी तरीके से किया गया। इनको बेसिक ट्रेनिंग के साथ ही तकनीक का भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। पीएसी बल का गौरवशाली इतिहास है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश पुलिस जनता को सुरक्षा प्रदान कर रही है।

धन्यवाद ज्ञापित किया

इस अवसर पर पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट लखनऊ डीके ठाकुर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Related posts

BIG NEWS : एसपी संकल्प शर्मा ने 4 सीओ के कार्यक्षेत्र बदले, एक थानाध्यक्ष निलंबित

Sunil Kumar Rai

देवरिया : 6 अगस्त को कैंप में बनेगा दिव्यांगजनों का प्रमाण पत्र और आईडी, कृत्रिम अंग के लिए किए जाएंगे चिन्हित

Abhishek Kumar Rai

समाधान दिवस में आए पुलिस विभाग के सबसे अधिक मामले : डीएम और एसपी ने दिखाई सख्ती

Swapnil Yadav

यूपी : बाढ़ से निपटने के लिए योगी सरकार ने किए बड़े इंतजाम, 699 प्रोजेक्ट पूरे हुए, जानें सीएम ने क्या कहा

Abhishek Kumar Rai

भारत और भारतीयता के लिए समर्पित रहा महंत अवेद्यनाथ का जीवन : मुख्यमंत्री योगी

Satyendra Kr Vishwakarma

देवरिया : भाजपा युवा मोर्चा ने विकास तीर्थ बाइक रैली निकाली, एमएलए शलभ मणि ने किया संबोधित

Abhishek Kumar Rai
error: Content is protected !!