उत्तर प्रदेशखबरें

अच्छी खबर : किसानों की आय बढ़ाने के लिए योगी सरकार ने उठाए ये कदम, केंद्र की 44 योजनाओं में प्रदेश अव्वल

-साढ़े चार वर्ष पूर्व प्रदेश की अर्थव्यवस्था देश में छठे स्थान पर थी
-वर्तमान में देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गयी
-ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’में चार वर्ष पूर्व के प्रदेश चौदहवें स्थान से आगे बढ़कर राज्य वर्तमान में दूसरे स्थान पर आ गया
-20 कृषि विज्ञान केन्द्र स्थापित किये
-वर्तमान में राज्य में 4 कृषि विश्वविद्यालय तथा 88 कृषि विज्ञान केन्द्र किसानों की तकनीकी सहायता के लिए उपलब्ध

Uttar Pradesh : सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश में ईमानदार, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्य संस्कृति स्थापित की है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश तेजी से प्रगति कर आगे आया है। राज्य में स्वच्छ, शुचितापूर्ण, पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से विगत साढ़े चार वर्षों में साढ़े चार लाख नौजवानों की नियुक्तियां रिक्त पदों के सापेक्ष सम्पन्न करायी गयी हैं। पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से चयनित युवा प्रदेश के विकास में भरपूर योगदान कर रहे हैं। साढ़े चार वर्ष पूर्व प्रदेश की अर्थव्यवस्था देश में छठें स्थान पर थी। वर्तमान में देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गयी है।

मुख्यमंत्री योगी शुक्रवार को लोक भवन में कृषि विभाग के नव चयनित प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सीएम ने 6 नव चयनित प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) को अपने कर कमलों से नियुक्ति पत्र प्रदान किया। उन्होंने कहा कि आज यहां इस कार्यक्रम में नव चयनित प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के साथ ही सभी जनपदों में भी नवचयनित प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) को नियुक्ति पत्र प्रदान किये जा रहे हैं। कृषि विभाग में कुल 1863 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) का चयन किया गया है।

44 में प्रदेश वर्तमान में देश में प्रथम स्थान पर है

उन्होंने कहा कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में चार वर्ष पूर्व चौदहवें स्थान से आगे बढ़कर राज्य वर्तमान में दूसरे स्थान पर आ गया है। बेहतर ‘ईज ऑफ लिविंग’ के उद्देश्य से भारत सरकार की योजनाओं में से 44 में प्रदेश वर्तमान में देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा व परिश्रम के बेहतर प्रयोग से उत्तम परिणाम प्राप्त होते हैं, जिससे सभी लाभान्वित होते हैं। पिछले साढ़े चार वर्षों के सामूहिक एवं समन्वित प्रयास का प्रतिफल अब सामने आ रहा है। राज्य सरकार ने जिस प्रकार कृषि प्राविधिक सहायकों का चयन ईमानदारी, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता से सम्पन्न कराया है, उसी प्रकार नव चयनित प्राविधिक सहायक पूरी ईमानदारी एवं परिश्रम से अपने ज्ञान एवं प्रतिभा का लाभ किसानों को उपलब्ध करायें।

20 कृषि विज्ञान केन्द्र स्थापित किये हैं

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, उत्तर प्रदेश सभी प्रकार के संसाधनों से भरपूर है। यहां देश की सर्वाधिक आबादी, उर्वरा भूमि, पर्याप्त जल संसाधन हैं। तकनीक का व्यापक प्रयोग करते हुए इन संसाधनों का बेहतर उपयोग करके प्रदेश पूरी दुनिया के लिये पर्याप्त खाद्यान्न पैदा कर सकता है। वर्तमान राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में 20 कृषि विज्ञान केन्द्र स्थापित किये हैं। वर्तमान में राज्य में 4 कृषि विश्वविद्यालय तथा 88 कृषि विज्ञान केन्द्र किसानों की तकनीकी सहायता के लिए उपलब्ध हैं। इन संस्थानों में हुए शोध का व्यापक प्रचार-प्रसार कर किसानों को तकनीकी रूप से पर्याप्त सक्षम बनाया जा सकता है।

लम्बित कृषि सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से पूर्ण कराया

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा, वर्तमान में उत्तर प्रदेश खाद्यान्न, फल, दुग्ध, मत्स्य उत्पादन सहित विभिन्न क्षेत्रों में देश में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश सरकार ने वर्षों से लम्बित कृषि सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से पूर्ण कराया है। वर्ष 1973 में प्रारम्भ हुई बाण सागर सिंचाई परियोजना को वर्तमान सरकार ने पूर्ण कराकर वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से लोकार्पित कराया। पूर्वी उत्तर प्रदेश के 9 जनपदों को जोड़ने वाली सरयू नहर परियोजना को 15 नवम्बर, 2021 को पूर्ण करा लिया जाएगा। अर्जुन सहायक सहित एक दर्जन से अधिक सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से पूर्ण कराया जा रहा है। इससे वर्तमान सरकार के अपना 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने तक 25 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता सृजित होगी।

1 लाख 45 हजार करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य का भुगतान कराया गया है

सीएम आदित्यनाथ ने आगे कहा, प्रदेश के किसानों को समय पर बीज, सिंचाई के लिए पानी, समय पर उर्वरक तथा उत्पादों के विपणन के लिए मार्केट उपलब्ध करा दिया जाएं तो शीघ्र ही उनकी आय दोगुनी हो जाएगी। पूर्व में प्रदेश में कृषि उत्पादों के प्रोक्योरमेन्ट की उचित व्यवस्था नहीं थी। वर्तमान सरकार ने विभिन्न राज्यों में कृषि उत्पादों के प्रोक्योरमेन्ट की व्यवस्था का अध्ययन कर प्रदेश में किसानों से उनके उत्पादों के प्रोक्योरमेन्ट की प्रभावी एवं उन्नत व्यवस्था बनायी। प्रदेश सरकार ने कोरोना काल में भी सभी चीनी मिलों को संचालित कराया। किसानों को 1 लाख 45 हजार करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य का भुगतान कराया गया है। प्रदेश सरकार के शुगर केन से एथनॉल बनाने के प्रस्ताव पर भारत सरकार ने सहमति दी है। इससे गन्ना किसानों की आय में वृद्धि होगी।

खाद्यान्न उत्पादन में देश में अग्रणी है

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही (Surya Pratap Shahi) ने कहा, मुख्यमंत्री योगी प्रदेश के चतुर्दिक विकास के लिए अनवरत कार्य कर रहे हैं। कृषि और किसान प्रारम्भ से ही वर्तमान प्रदेश सरकार की सर्वाच्च प्राथमिकता में सम्मिलित रहे हैं। राज्य सरकार के प्रयासों तथा किसानों के परिश्रम से प्रदेश को कृषि के क्षेत्र में देश के कई प्रमुख पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। वर्तमान प्रदेश सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही वर्ष 2018-19 से राज्य खाद्यान्न उत्पादन में देश में अग्रणी है। किसानों से उनकी कृषि उपजों के क्रय में भी प्रदेश ने रिकॉर्ड स्थापित किये हैं। जहां पहले दो फसलों की खरीद होती थी, वर्तमान सरकार ने 7-7 फसलों की खरीद की।

375 महिलाएं तथा 62 दिव्यांग हैं

अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी ने कहा, ऐसा पहली बार हो रहा है कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित प्राविधिक सहायकों को मुख्यमंत्री नियुक्ति पत्र प्रदान कर रहे हैं। यह प्रदेश सरकार की निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया तथा राज्य सरकार के कृषि को दिए जा रहे महत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने कुल 1863 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) का चयन किया है। इनमें से 375 महिलाएं तथा 62 दिव्यांग हैं। चयनित कृषि सहायकों की पदास्थापना एनआईसी के माध्यम से काउंसिलिंग के जरिए सभी जनपदों में समानुपातिक ढंग से की गयी है। आकांक्षी जनपदों में अधिक नियुक्तियां की गयी हैं। उन्होंने कहा कि प्राविधिक सहायकों के अवशेष रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रचलित है। आगामी तीन-चार महीनों में अवशेष रिक्त पद भी भर लिए जाएंगे।

किसानों को लाभ मिलेगा

कार्यक्रम के अन्त में कृषि राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, कृषि विभाग को प्राप्त मानव संसाधन से विभाग की संचालित विभिन्न योजनाओं को गति मिलेगी। इससे किसानों को लाभ प्राप्त होगा। कार्यक्रम में 5 नव चयनित प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) ने भी अपने विचार व्यक्त किये। नव चयनित प्राविधिक सहायकों ने प्रदेश सरकार के निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से चयन के लिये मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वह सभी अपने ज्ञान और अध्ययन का पूरा उपयोग करते हुए किसानों को आधुनिकतम कृषि तकनीकों को परिचित कराएंगे। जिससे कृषि उत्पादकता एवं किसानों की आय में वृद्धि हो। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एमएसएमई नवनीत सहगल, निदेशक सूचना शिशिर, कृषि निदेशक विवेक कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Related posts

व्हॉट्सअप से पकड़ा गया प्रधानाचार्य का झूठ : डीएम ने वेतन रोका, पढ़ें देवरिया के मठिया तिवारी स्कूल का हाल

Sunil Kumar Rai

दिल्ली हिंसा : जहांगीरपुरी में चला बुलडोजर, मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

Sunil Kumar Rai

DEORIA BREAKING : देवरिया में 67 लेखपालों का हुआ क्षेत्र परिवर्तन, लिस्ट जारी

Harindra Kumar Rai

फायरब्रांड नेता प्रवीण तोगड़िया का देवरिया में जोरदार स्वागत : आतिथ्य में उमड़े कार्यकर्ता और पदाधिकारी

Rajeev Singh

एडीएम प्रशासन ने विभिन्न विभागों को दिए आदेश : 30 नवंबर तक कराएं फसल बीमा, पढ़ें देवरिया की 3 खबरें

Sunil Kumar Rai

मछली पालन से सालाना 25 लाख कमा रहा देवरिया का यह किसान : डीएम ने केंद्र का किया दौरा, युवाओं से की ये अपील

Sunil Kumar Rai
error: Content is protected !!