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नोएडा : प्राधिकरण से परेशान कारोबारियों ने बैठक की, अथॉरिटी के नोटिस पर जताया विरोध

Noida News : नोएडा के रेस्टोरेंट मालिक, प्रतिनिधियों की बैठक की अध्यक्षता सेक्टर-18 मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने बीकानेर वाला सेक्टर-18 में की। बैठक में नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) द्वारा प्रस्तावित बायो मिथेनाइजेशन प्लांट की जानकारी सभी को दी गई।

इस बैठक में एनआरएआई नोएडा चैप्टर हेड के संयोजक वरुण खेरा, एनआरएआई से प्रकुल कुमार, बीकानेर वाला से गणेश अग्रवाल, सेक्टर-18 मार्केट एसोसिएशन से कर्नल चंद्रा, जीएस पाहवा और हीरा स्वीट्स, हल्दीराम, पटियाला किचन, स्वागत रेस्टोरेंट तंदूरी गांव, बेबी ड्रैगन्स, ढाबा @ आटा, गौरव ढींगरा अल्मा बेकर्स सेक्टर 104, मनीष खट्टर द बार कंपनी, जीआईपी और अन्य सभी रेस्तरां ने भाग लिया।

नोटिस दिया है
सुशील कुमार जैन ने कहा कि नोएडा अथॉरिटी ने सेक्टर-18 के लगभग सभी रेस्तरां को थोक अपशिष्ट जनरेटर श्रेणी (बीडब्ल्यूजी) का नोटिस दिया है। इस संबंध में नोएडा प्राधिकरण से पारुल को सभी को नियमों और विनियमों का विवरण देने के लिए आमंत्रित किया गया।

कंपोस्ट लगाना होगा
पारुल ने एसडब्ल्यूएम 2016 के संदर्भ में सभी को बताया कि नोएडा स्वच्छता सर्वेक्षण की फाइव स्टार रेटिंग में आता है। जिसका कचरा 50 किलो से अधिक है, उसे खाद बनाकर अपने कचरे को निपटाने के लिए खुद एक कंपोस्ट प्लांट लगाना होगा। इसके लिए नोएडा प्राधिकरण ने सभी रेस्तरां मालिकों के साथ साझा करके संयंत्र के स्वामित्व और प्रबंधन के लिए एक विकेन्द्रीकृत जैव-मिथेनाइजेशन संयंत्र स्थापित करने का सुझाव दिया है।

इस कैटेगरी में नहीं आते
इस पर एनआरएआई के वरुण खेरा ने कहा कि एक-दो को छोड़कर किसी के पास 50 किलो से ज्यादा कचरा नहीं है। इसलिए सेक्टर 18 के रेस्टोरेंट बीडब्ल्यूजी कैटेगरी में नहीं आते हैं। इस तरह के नोटिस देकर हमें बेवजह परेशान किया जा रहा है। एनआरएआई के प्रकुल कुमार ने कहा कि हमें पूरी जानकारी दी जाए। आखिर हमें किन नियमों-कानूनों के तहत ये नोटिस दिया गया है।

शुल्क लिया जाए
वरुण खेड़ा ने यह भी कहा कि यदि प्लांट लगाना है, तो प्राधिकरण को अपने खर्चे पर या सेक्टर 18 के भवन मालिकों से सामंजस्य स्थापित करना चाहिए। प्लांट को जिसका जितना कूड़ा निकलता है, सभी से उतना चार्ज करके चलाया जाना चाहिए। प्रत्येक रेस्तरां, मॉल, होटल, दुकानें, स्पा, रिटेल आउटलेट, फूड हॉकर और कार्यालयों से उत्पन्न कचरे की मात्रा के अनुसार न्यूनतम शुल्क भी शामिल किया जाना चाहिए।

प्रताड़ित कर रहा प्राधिकरण
अंत में सुशील कुमार जैन ने कहा कि अगर सेक्टर-18 में रेस्टोरेंट बीडब्ल्यूजी श्रेणी में नहीं आते हैं, तो प्राधिकरण का यह रवैया ठीक नहीं है। जो कानून हम पर लागू नहीं होता, उसके लिए हमें इस तरह से प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए। हम फिर से बैठक करेंगे और इस संबंध में प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों से बात करेंगे। उनके समक्ष इस मामले को उठाएंगे। उच्च अधिकारी निश्चित तौर पर इस मामले का सही समाधान करेंगे। हम सब एकजुट हैं और हम इस समस्या का समाधान करेंगे। हम किसी भी तरह के अनुचित दबाव में नहीं आएंगे। आपसी संवाद से ही सही समाधान निकलेगा।

साथ लेकर चलना होगा
उन्होंने आगे कहा, ‘हम सभी नोएडा को स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रथम देखना चाहते हैं। लेकिन प्राधिकरण को भी हमें साथ लेकर चलना होगा। जिससे व्यवसायियों पर किसी तरह का वित्तीय भार ना पड़े।

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