पुतिन ने भारत को बिना रुकावट ईंधन सप्लाई का भरोसा दिया, वहीं दोनों देशों ने व्यापार, लॉजिस्टिक्स, पर्यावरण और औद्योगिक सहयोग पर कई अहम समझौते किए
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को यह स्पष्ट कर दिया कि रूस भारत को तेल, गैस, कोयला और ऊर्जा विकास से जुड़ी हर जरूरत का बिना किसी रुकावट सप्लाई देने के लिए पूरी तरह तैयार है। रूस की इस प्रतिबद्धता की घोषणा ऐसे समय में आई है जब भारत पर अमेरिकी दबाव बढ़ रहा है कि वह रूसी तेल की खरीद कम करे। पुतिन ने एक आधिकारिक ट्रांसलेटर के जरिए कहा कि रूस भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए ऊर्जा शिपमेंट लगातार जारी रखेगा, क्योंकि रूस स्वयं को भारत का “भरोसेमंद सप्लायर” मानता है।
पुतिन की इस घोषणा के साथ भारत और रूस के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। ये एग्रीमेंट फर्टिलाइज़र और फूड सेफ्टी से लेकर समुद्री लॉजिस्टिक्स और शिपिंग तक विस्तृत हैं। भारतीय कंपनियों ने रूस की URALCHEM के साथ यूरिया प्लांट लगाने का करार भी किया, जिससे दोनों देशों में औद्योगिक सहयोग और मजबूत होगा। इसके अलावा मेडिकल साइंस, कंज्यूमर प्रोटेक्शन और शिप ऑपरेशन ट्रेनिंग जैसे क्षेत्रों में भी नई साझेदारियां स्थापित की गई हैं। पर्यावरण संरक्षण के तहत रूस ने इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस में शामिल होने पर भी सहमति जताई है, जो वाइल्डलाइफ संरक्षण में साझा संकल्प को दिखाता है।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन को भारत के प्रति उनके “पक्के कमिटमेंट” के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा, भारत-रूस साझेदारी का सबसे मजबूत और स्थायी स्तंभ रहा है। हालांकि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में परमाणु ऊर्जा का उल्लेख किया, लेकिन तेल आयात पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की।
2030 तक व्यापार बढ़ाने पर सहमति
मोदी ने आगे कहा कि भारत और रूस 2030 तक आपसी व्यापार को व्यापक रूप से बढ़ाने और उसे अधिक डायवर्सिफाइड, बैलेंस्ड और सस्टेनेबल बनाने के आर्थिक सहयोग कार्यक्रम पर सहमत हुए हैं। पुतिन को “मेरे दोस्त” कहकर संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के ऐतिहासिक और भरोसेमंद संबंधों को फिर से दोहराया।
