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राहत : 50 हजार मासूमों की मौत इंसेफलाइटिस पर योगी सरकार ने पाया नियंत्रण, जानें क्या बोले सीएम

Gorakhpur News : पूर्वी उत्तर प्रदेश में 40 वर्षों में 50 हजार मासूम इंसेफलाइटिस (Encephalitis) की चपेट में आकर असमय काल कवलित हो चुके हैं। गोरखपुर मंडल से लेकर लखनऊ तक हर साल हजारों बच्चे इस भयावह बीमारी के चपेट में आते रहे। सूबे में नई सरकारें बनती रहीं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। साल 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की अगुवाई में भाजपा की सरकार बनने के बाद इस बीमारी पर प्रभावी रूप से नियंत्रण किया गया।

95 फीसदी नियंत्रण हुआ
आज गोरखपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमने 5 वर्ष में इसके उपचार व सम्पूर्ण उन्मूलन की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए। इंसेफलाइटिस से होने वाली मौत के आंकड़े 95 फीसद तक नियंत्रण में हैं। अब इसके सम्पूर्ण उन्मूलन का अवसर है। इंसेफलाइटिस पर नकेल कसने में स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य विभागों के सामूहिक प्रयास, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालय व मजबूत हुए हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा योगदान है।

हर जिले में लैब बने हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिकता के बल पर फोर टी (ट्रेस, टेस्ट, ट्रीट और टीकाकरण) फॉर्मूले को अपनाकर उत्तर प्रदेश वैश्विक महामारी कोरोना के प्रबन्धन में पूरे देश में आगे रहा है। कोरोना संक्रमण की दस्तक के दौरान मार्च, 2020 में उत्तर प्रदेश में आरटीपीसीआर (RT- PCR) जांच की सुविधा नहीं थी।जबकि आज प्रदेश के हर जिले में इसके लैब हैं। आज प्रतिदिन 4 लाख आरटीपीसीआर जांच की क्षमता है। यूपी सर्वाधिक जांच व वैक्सीन देने वाला राज्य है। उपचार के लिए सर्वाधिक बेड्स व सुविधाएं उत्तर प्रदेश में हैं। पहले 36 जिलों में वेंटिलेटर नहीं थे, आज हर जनपद में हैं।

सबने सराहा है
मुख्यमंत्री ने आगे कहा,” प्रदेश में 29.60 करोड़ कोविड वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। अब 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों को भी वैक्सीन लगाई जा रही है। उन्होंने कोरोना पर नियंत्रण के लिए इसमें लगे विभिन्न विभागों के कोरोना वॉरियर्स की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के कोरोना प्रबन्धन को दुनिया ने सराहा है।”

मजबूत हुआ इन्फ्रास्ट्रक्चर
सीएम ने कहा कि विगत 5 साल में उत्तर प्रदेश का हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर काफी मजबूत हुआ है। एक समय तक इंसेफलाइटिस से प्रभावित पूर्वी उत्तर प्रदेश में इलाज का एक मात्र केन्द्र बीआरडी मेडिकल कॉलेज ही था, वह भी जर्जर हालत में था। आज बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी सुविधा है, बाल रोग संस्थान है।

एम्स शुरू हो गया है
गोरखपुर में 1 हजार बेड्स की सुविधा वाला एम्स शुरू हो गया है। बस्ती, देवरिया, सिद्धार्थनगर में मेडिकल कॉलेज शुरू हो गए हैं। कुशीनगर में निर्माणाधीन है। महराजगंज में बनने जा रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों को भी मेडिकल कॉलेज की सौगात मिली है। हर जिले में मेडिकल कॉलेज बन गए हैं, बनाए जा रहे हैं या बनाए जाएंगे।

योगदान दें
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें क्षय रोग के उन्मूलन की दिशा में भी तेजी से काम करना है। पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए जारी वृहद अभियान में हम सभी को जुड़ना होगा। उन्होंने कहा कि आप टीबी से ग्रस्त किसी एक बच्चे को गोद लेकर और सरकारी कार्यक्रमों से उसके उपचार से जुड़कर अपना योगदान दे सकते हैं। यह एक राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन व अन्य संस्थाएं भी टीबी उन्मूलन की दिशा में प्रयासरत हैं।

समन्वय जरूरी है
सीएम ने कहा कि इंसेफलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण में अंतर्विभागीय समन्वय का विशेष योगदान रहा। इसी प्रकार पल्स पोलियो अभियान व अन्य कार्यक्रमों में भी इसकी आवश्यकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित मोहन प्रसाद ने विभाग के कार्यक्रमों व उपलब्धियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण सहित शासन-प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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