खबरेंपूर्वांचल

Saryu Nahar National Project : 4 दशक से लंबित प्रोजेक्ट 4 साल में पूरा हुआ, इन 5 नदियों को जोड़ा गया

Saryu Nahar National Project

-करीब चार दशक से लंबित पड़ी परियोजना चार साल में पूरी

-पूर्वी यूपी के 6200 से अधिक गांवों के लगभग 29 लाख किसान लाभान्वित होंगे

-परियोजना में पांच नदियों – घाघरा, सरयू, राप्ती, बाणगंगा और रोहिणी को आपस में जोड़ना भी शामिल है

Balrampur News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की अगुवाई वाली यूपी सरकार ने 4 दशक से लंबित सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का काम 4 साल में पूरा कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) आज दोपहर इसका लोकार्पण करेंगे। इस प्रोजेक्ट के तहत पांच नदियों – घाघरा, सरयू, राप्ती, बाणगंगा और रोहिणी को आपस में जोड़ा गया है। इससे पूर्वांचल के किसानों को सिंचाई में सहूलियत मिलेगी। कृषकों की आय बढ़ेगी और सुख-समृद्धि होगी।

1978 में शुरू हुआ काम

इस महत्वपूर्ण परियोजना पर काम 1978 में शुरू हुआ, लेकिन फंड की कमी, अंतरविभागीय समन्वय में कमजोही और पर्याप्त निगरानी के अभाव में इसमें देरी हुई। नतीजतन लगभग चार दशकों के बाद भी यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ। किसान कल्याण और सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय महत्व की लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता देना शुरू किया। उनकी प्रतिबद्धता के चलते परियोजना पर राज्य और केंद्र सरकार ने ध्यान दिया। साल 2016 में परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत लाकर काम शुरू हुआ।

4 साल में पूरा हुआ प्रोजेक्ट

परियोजना पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने के परिणामस्वरूप यह केवल चार वर्षों में पूरी हो गई है। सरयू नाहर राष्ट्रीय परियोजना को बनाने में 9800 करोड़ से अधिक की लागत आई है। इसमें से पिछले चार वर्षों में 4600 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च योगी आदित्यनाथ सरकार ने वहन किया। इस प्रोजेक्ट के तहत क्षेत्र के जल संसाधनों का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए पांच नदियों – घाघरा, सरयू, राप्ती, बाणगंगा और रोहिणी को आपस में जोड़ना भी शामिल है।

6200 गांवों को मिलेगा लाभ

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के शुरू होने से 14 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। पूर्वांचल के 6200 से अधिक गांवों के लगभग 29 लाख किसानों को इसका लाभ मिलेगा। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के 9 जिले बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संत कबीर नगर, गोरखपुर और महाराजगंज लाभान्वित होंगे। क्षेत्र के किसान, जो परियोजना में अत्यधिक देरी से सबसे ज्यादा पीड़ित थे, अब उन्नत सिंचाई क्षमता से अत्यधिक लाभान्वित होंगे। वे अब बड़े पैमाने पर फसल उगाने और क्षेत्र की कृषि क्षमता को अधिकतम करने में सक्षम होंगे।

Related posts

नया संसद भवन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में नया स्वर्णिम अध्याय : योगी आदित्यनाथ

Shweta Sharma

दशहरा-दीपावली पर प्रदेश को मिलेगी निर्बाध बिजली आपूर्ति : मुख्यमंत्री योगी ने अफसरों को दी ये बड़ी जिम्मेदारी

Sunil Kumar Rai

सीएम योगी ने गोरखपुर में रेशम कृषि मेला-2023 का किया शुभारम्भ : किसानों को बताया उत्पादन बढ़ाने के तरीके

Swapnil Yadav

DEORIA : डीएम ने टॉपर अंशु यादव को किया सम्मानित, कहा- देवरिया देवभूमि है, यहां शिक्षा की कमी नहीं

Sunil Kumar Rai

डीएम के आदेश पर सुलझा रास्ते का विवाद : एसडीएम ने मौके पर जाकर किया समाधान

Rajeev Singh

DEORIA : विकास विभाग से जुड़ी शिकायतों का 12 बजे तक दें आवेदन, अधिकारी करेंगे निस्तारण

Abhishek Kumar Rai
error: Content is protected !!