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एनपीजी की सिफारिश : बिहार, उत्तराखंड और नेपाल से कनेक्टिविटी के लिए यूपी में बनेंगे 3 हाईवे, जिम कॉर्बेट जाना होगा आसान

Uttar Pradesh : ‘पीएम गतिशक्ति’ (PM GatiShakti) के संस्थागत ढांचे के तहत गठित नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (Network Planning Group – NPG) ने 3 महत्वपूर्ण सड़क संपर्क परियोजनाओं की सिफारिश की है।

ये परियोजनाएं

-गाजीपुर-बलिया-उत्‍तर प्रदेश-बिहार राज्य सीमा से फोर लेन हाईवे का निर्माण

-उत्तर प्रदेश में मौजूदा सड़क का 2-लेन से 4-लेन में सुधार और अपग्रेड करना एवं

-उत्‍तर प्रदेश-उत्तराखंड में मुरादाबाद और काशीपुर बाईपास का निर्माण हैं।

मल्‍टीमोड, आसान आवागमन और भूमि अधिग्रहण की दृष्टि से सड़क मार्गों के सुधार और उन्नयन के लिए ये तीनों परियोजनाएं बहुत महत्वपूर्ण हैं।

एनपीजी की 33वीं बैठक में प्रस्ताव के एक भाग के रूप में 3 महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा की गई और ये सिफारिशें की गईं –

1-गाजीपुर-बलिया-उत्‍तर प्रदेश-बिहार राज्य सीमा से 4 लेन हाईवे का निर्माण

उत्तर प्रदेश में बेहतर माल ढुलाई और अंतरराज्यीय मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी एवं लखनऊ, वाराणसी, आजमगढ़ और मऊ शहरों के आर्थिक केंद्रों को जोड़ने के लिए एक 4-लेन राजमार्ग (ग्रीनफील्ड में) का प्रस्ताव किया गया था। यह दक्षिण बिहार से दिल्ली तक सबसे छोटी कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा। बक्सर में गंगा नदी (Ganga River) पर एक पुल का निर्माण (स्पर) छोटे रास्‍ते के साथ किया जा रहा है जो दक्षिण बिहार से दिल्ली की कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा। यह राजमार्ग दो बिंदुओं बनारस (Varanasi) और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (Purvanchal Expressway) पर लखनऊ रक्षा गलियारे (Lucknow Defense Corridor) की सेवा करेगा।

2-उत्तर प्रदेश में मौजूदा सड़क का 2-लेन से 4-लेन में सुधार और उन्नयन करना

सड़कों के उन्नयन और सुधार के लिए 2 लेन की सड़कों को 4 लेन बनाने का प्रस्ताव था। पलिया-शाहजहांपुर-हरदोई-लखनऊ के लिए 4 लेन बाइपास का प्रस्ताव है। यह परियोजना गृह मंत्रालय की भारत-नेपाल सीमा सड़क परियोजना (INBRP) की रणनीतिक सीमा सड़कों का एक हिस्सा है, जो भारत-नेपाल सीमा से संपर्क प्रदान करती है। यह एसएसबी गतिशीलता को सुविधाजनक बनाती है। यह बारदोई राष्ट्रीय उद्यान से कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित करेगा। इससे माल ढुलाई और यातायात की आवाजाही भी बढ़ेगी।

3-उत्‍तर प्रदेश, उत्तराखंड में मुरादाबाद और काशीपुर बाईपास का निर्माण

भीड़-भाड़ कम करने और यात्रा के समय को कम करने के लिए एक 4-लेन बाईपास परियोजना (ब्राउनफील्ड) का प्रस्ताव था। यह परियोजना क्षेत्र के प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाले उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड-बाईपास के बीच अंतरराज्यीय संपर्क प्रदान करती है। यह भारत-बांग्लादेश और भारत-भूटान-बांग्लादेश के लिए एक व्यापार मार्ग के रूप में सेवा प्रदान करेगा। यह जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क को कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

नेटवर्क प्‍लानिंग ग्रुप के सदस्यों ने आगे एकीकृत योजना और समकालिक कार्यान्वयन अवधारणाओं के कुछ घटकों का सुझाव दिया है और परियोजनाओं के लिए तेजी से मंजूरी और समर्थन सुनिश्चित किया है। पीएम गतिशक्ति एनएमपी के माध्यम से आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं को लागू करना संभव होगा।

एनपीजी में रेल मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, ऊर्जा, पीएनपी, डीओटी, सीए, पीएसडब्‍ल्‍यू, परिवहन विभाग, बंदरगाह एवं जलमार्ग, पीडब्ल्यूडी, पीएसयू, पीएमटी, डीएसएसएम और पीपीपी सहित बुनियादी ढांचा मंत्रालयों के योजना प्रभागों के प्रमुख और नीति आयोग तथा ईएफ एंड सीसी के लॉजिस्टिक प्रभाग के विशेष प्रतिनिधि शामिल हैं। डीपीआईआईटी (DPIIT) पीएम गतिशक्ति के सचिवालय के रूप में कार्य करता है।

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