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इस आईपीएस ने यूपी में 150 से अधिक अपराधियों को लगाया ठिकाने : माफिया को मिटाने में निभा रहे अहम जिम्मेदारी

Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बीते 24 फरवरी को उमेश पाल और उनकी सुरक्षा में तैनात दो पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में माफिया अतीक अहमद उसके भाई अशरफ समेत गिरोह के कई सदस्यों के नाम सामने आए। वहीं अतीक के बेटे असद और बमबाज गुड्डू मुस्लिम का सीसीटीवी भी सामने आया। योगी सरकार में हुए इस हत्याकांड से प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में एक अलग छवि स्थापित होने लगी। इसके बाद से लगातार यूपी एसटीएफ और पुलिस इसमें शामिल सभी बदमाशों की तलाश में जुट गई। इस दौरान गुरुवार को झांसी में असद और उसके साथी शूटर गुलाम के होने की सूचना मिली।

उमेश पाल हत्याकांड को अमिताभ कर रहे लीड

यूपी एसटीएफ का दावा है कि दोनों के पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में STF के जवानों ने दोनों को मुठभेड़ में मार गिराया। बता दें कि इस ऑपरेशन को यूपी एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश लीड कर रहे थे। उन्हीं की देखरेख और डिप्टी एसपी नवेंदु और डिप्टी एसपी विमल के नेतृत्व में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। बता दें कि असद प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड में वांटेड था और उस पर पांच लाख रुपये के इनाम था।

1996 बैच के आईपीएस अफसर हैं अमिताभ

1996 बैच के आईपीएस अधिकारी अमिताभ यश एनकाउंटर स्पेशलिस्ट हैं इसके अलावा वो पहले भी कई बदमाशों को ढ़ेर कर चुके हैं। शायद यही वजह भी है कि योगी सरकार ने इस हत्याकांड की जिम्मेदारी उन्हें और यूपी के स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार को दी। आइए जानते हैं कि पुलिस की सेवा के दौरान बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले अमिताभ यश का नाम क्यों चर्चा में रहता है वहीं अबतक उन्होंने कितने और कौन- कौन से शातिर अपराधियों को मार गिराया है।

अमिताभ यश ने किए 150 से ज्यादा एनकाउंटर

अमिताभ यश ने पुलिस से के दौरान अबतक 150 से ज्‍यादा बदमाशों को ढेर किया है। उन्‍होंने यूपी से मुख्‍तार और अतीक गैंग के तमाम शार्ट शूटरों को ढेर किया है। उन्‍होंने प्रदेश के पेपर लीक गैंग से लेकर डार्क वेब से नशीली दवाओं की तस्‍करी करने वाले गैंग पर शिकंजा कसा। कानपुर के कुख्‍यात बदमाश विकास दुबे और उसके गैंग को भी अमिताभ यश की टीम ने ही एनकाउंटर में मार गिराया था। इसके अलावा यूपी का आयुष भर्ती घोटाला, TET पेपर लीक, पशुपालन घोटाला समेत कई बड़े मामलों का खुलासा कर आरोपियों को जेल भेजने का काम भी अमिताभ यश ने किया है।

पिता भी थे आईपीएस अधिकारी

अमिताभ यश बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। अमिताभ यश के पिता राम यश सिंह भी आईपीएस थे।दिल्‍ली के सेंट स्‍टीफेंस कॉलेज से पूरी करने के बाद उन्‍होंने UPSC की परीक्षा पास की और IPS अफसर बन गए। अमिताभ यश को बतौर कप्तान सबसे पहले संतकबीरनगर जिले में तैनाती मिली। संतकबीर नगर में 11 महीने सेवाएं देने के बाद वह बाराबंकी महाराजगंज, हरदोई, जालौन, सहारनपुर, सीतापुर, बुलंदशहर, नोएडा और कानपुर में बतौर SP और SSP तैनात रहे।

2021 में बने STF के एडीजी

अमिताभ 2007 में मायावती सरकार में एसटीएफ एसएसपी बने। इस दौरान उन्‍होंने बुंदेलखंड के जंगलों में डकैत ददुआ के खिलाफ अभियान छेड़ा था और उसे मार गिराया। इसके अलावा उनकी टीम ने डकैत ठोकिया को भी मार गिराया। चित्रकूट के जंगलों को डकैतों से मुक्‍त कराने का श्रेय भी अमिताभ यश को जाता है। मई 2017 में योगी सरकार में वह STF के आईजी बने। इसके बाद जनवरी 2021 में वह एसटीएफ के एडीजी बन गए।

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