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बड़ी खबर : यूपी के करोड़ों किसानों को योगी सरकार ने दी बड़ी राहत, दूसरे जिले में भी बेच सकेंगे धान, जानें प्रक्रिया

-किसान अपने जनपद या सटे हुए जनपद के किसी भी क्रय केन्द्र का टोकन प्राप्त कर धान बिक्री कर सकेगें
-पश्चिमी यूपी में 1 अक्टूबर, 2021 से 31 जनवरी, 2022 तक तथा पूर्वी उप्र में 1 नवम्बर, 2021 से 28 फरवरी, 2022 तक धान की खरीद की जायेगी
-धान खरीद 2021-22 के लिए खाद्य विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन प्रारम्भ है

Uttar Pradesh : योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार ने प्रदेश के करोड़ों किसानों को बड़ी राहत दी है। राज्य के किसान अपने जनपद या सटे हुए जनपद के किसी भी क्रय केन्द्र का टोकन प्राप्त कर धान बिक्री कर सकेगें। पश्चिमी यूपी में 1 अक्टूबर, 2021 से 31 जनवरी, 2022 तक तथा पूर्वी उप्र में 1 नवम्बर, 2021 से 28 फरवरी, 2022 तक धान की खरीद की जायेगी। दरअसल राज्य मे कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जहां किसान कई दिन से फसल बेचने के लिए परेशान हैं। मगर उनकी फसल नहीं बिकी।

कृषकों की उपज की मात्रा का आकलन कृषि विभाग वर्ष 2021-22 में प्रति हेक्टेयर अनुमानित औसत उत्पादकता के 120 प्रतिशत के आधार पर करेगा। किसानों की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने कहा है कि किसान अब अपने जनपद या सटे हुए जनपद के किसी भी क्रय केन्द्र का टोकन प्राप्त कर धान बिक्री कर सकेगें। मगर यदि कोई किसान किसी केन्द्र पर एक बार अपना धान बेच लेता है, तो उसे अगली बार भी उत्पादित धान की शेष मात्रा उसी केन्द्र पर बेचनी होगी।

ऐसे करा सकते हैं पंजीकरण

यह जानकारी प्रदेश के खाद्य आयुक्त सौरभ बाबू ने दी। उन्होंने बताया कि धान खरीद 2021-22 के लिए खाद्य विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन प्रारम्भ है। किसान साइबर कैफे, जनसुविधा केन्द्र पर तथा निकटतम उचित दर विक्रेता के माध्यम से भी ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते है। इसके अतिरिक्त किसान मोबाईल ऐप के माध्यम से स्वंय पंजीकरण कर सकते है। खाद्य आयुक्त ने बताया कि कृषकों से खरीद ऑनलाइन टोकन के माध्यम से ही की जा रही है। कृषक अपने इच्छित क्रय केन्द्र पर धान बिक्री करने के लिए स्वयं अथवा साइबर कैफे के माध्यम से ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकते हैं।

4000 क्रय केन्द्र संचालित होंगे

उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में धान का समर्थन मूल्य धान ’कामन’- 1940 रुपेय प्रति कुं एवं ग्रेड-ए’ 1960 रुपये प्रति कुं निर्धारित किया गया है। इस वर्ष धान खरीद के लिए खाद्य तथा रसद विभाग के अतिरिक्त पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, मण्डी परिषद व भारतीय खाद्य निगम सहित 6 क्रय एजेन्सी नामित की गयी हैं। प्रदेश में 4000 क्रय केन्द्र संचालित किया जाना प्रस्तावित है। इस वर्ष प्रदेश स्तर पर धान क्रय लक्ष्य 70.00 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है।

100 कुंतल तक की छूट

सौरभ बाबू ने बताया कि वेस्ट यूपी में 1 अक्टूबर, 2021 से 31 जनवरी, 2022 तक तथा पूर्वी उप्र में 1 नवम्बर, 2021 से 28 फरवरी, 2022 तक खरीद की जायेगी। किसान सोमवार से शनिवार तक (अवकाश के दिनों को छोड़कर) अपने पंजीकरण प्रपत्र में सत्यापित धान की मात्रा की सीमा तक टोकन प्राप्त कर क्रय केन्द्रों पर धान बिक्री कर सकते हैं। किसानों की सुविधा के लिए 100 कुंतल तक धान की बिक्री की मात्रा को राजस्व विभाग के सत्यापन से छूट प्रदान की गयी है।

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