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अच्छी खबर : यूपी के 16 करोड़ गन्ना किसानों ने इस तकनीक का किया इस्तेमाल, मिल रही कई सहूलियत

Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश सरकार गन्ना किसानों को बेहतर सुविधायें उपलब्ध करा रही है। सहकारी गन्ना समितियों की पर्ची निर्गम एवं अन्य कार्यों में सुचिता और पारदर्शिता लाए जाने के लिए ई.आर.पी. की व्यवस्था विकसित की गई है। इस व्यवस्था में प्रदेश के गन्ना किसानों को आईटी तकनीकी से जोड़ा गया है।

ईआरपी के माध्यम से इस वर्ष लगभग 45 लाख गन्ना किसानों की बॉन्डिंग की गई। जिसमें 9.43 लाख छोटे किसान हैं और उनको 31.73 लाख पर्चियां जारी की गई हैं। इस संबंध में गन्ना विकास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस व्यवस्था में छोटे गन्ना किसानों को समस्त सूचनाएं ऑनलाइन एवं ई गन्ना एप के माध्यम से समय पर उपलब्ध हो रही हैं।

गन्ना पर्ची की सूचना भी पीर्टिंग के साथ-साथ एसएमएस से किसानों को उनके मोबाइल पर तत्काल मिल रही है। इस एसएमएस पर्ची पर गन्ना तौल की सुविधा भी दी जा रही है। ई.आर.पी. के माध्यम से ऑनलाइन लॉटरी द्वारा तौल लिपिकों का पाक्षिक हस्तांतरण किया जा रहा है। जिससे घटतौली की कुप्रथा पर रोक लगी है तथा किसानों का विश्वास विभाग के प्रति बढ़ा है।

ई.आर.पी. प्रणाली में किसानों को अपने सर्वे, सट्टा, कैलेंडर एवं पर्ची आदि की ऑनलाइन सीधी जानकारी प्राप्त हो रही है। अब तक लगभग 16 करोड़ 72 लाख बार किसानों ने ई.आर.पी. वेबसाइट पर अपनी जानकारी देखी है। 38 लाख 70 हजार किसानों ने ई-गन्ना एप डाउनलोड किया है।

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