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यूपी : योगी सरकार 2,19,250 लाख हेक्टेयर भूमि को बनाएगी उपजाऊ, कैबिनेट ने योजना को दी मंजूरी, पूरी जानकारी

Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद (UP Cabinet) ने प्रदेश में बीहड़, बंजर, जल भराव क्षेत्रों के सुधार एवं उपचार के लिए पं दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना (वर्ष 2022-23 से वर्ष 2026-27 तक) के क्रियान्वयन का निर्णय लिया है। योजना का संचालन प्रदेश के समस्त 74 जनपदों (जनपद गौतमबुद्ध नगर को छोड़कर) में प्रस्तावित है। मंत्रिपरिषद ने योजना में किसी प्रकार के परिवर्तन या संशोधन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को अधिकृत किया है।

योजनान्तर्गत चयनित परियोजना क्षेत्र के समस्त कृषक एवं कृषक मजदूर योजना के लाभार्थी के रूप में प्रस्तावित हैं। परियोजना क्षेत्र के चयन में उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दिया जाना प्रस्तावित है, जहां लघु-सीमान्त कृषकों, अनुसूचित जाति व जनजाति कृषकों एवं भू-आवंटी की अधिकता होगी। योजना के अंतर्गत 5 वर्षों में कुल 602.68 करोड़ रुपये (501.59 करोड़ रुपये राज्य सेक्टर से 51.25 करोड़ रुपये मनरेगा से एवं 49.84 करोड़ रुपये कृषक अंश) के व्यय सम्भावित है। इसके तहत 2,19,250 लाख हेक्टेयर समस्याग्रस्त बीहड़/बंजर भूमि सुधार तथा जलभराव क्षेत्र का उपचार किया जाएगा।

मनरेगा से प्रस्तावित है

योजनान्तर्गत चयनित परियोजना क्षेत्र में शत प्रतिशत अनुदान पर बीहड़/बंजर भूमि सुधार तथा बीहड़/बंजर क्षेत्र सुधार का कार्य राज्य सेक्टर से एवं जलभराव क्षेत्र के उपचार का कार्य मनरेगा से प्रस्तावित है। परियोजना क्षेत्र में आवश्यकतानुसार कृषि वानिकी/उद्यानीकरण के साथ-साथ उपचारित क्षेत्र में 50 प्रतिशत अनुदान पर फसलोत्पादन कार्यक्रम प्रस्तावित है।

प्रश्नगत योजना प्रस्तावित है

प्रतिवर्ष लगभग 40 से 50 हजार हेक्टेयर कृषि उत्पादक भूमि बढ़ते हुए शहरीकरण, औद्योगीकरण तथा एक्सप्रेस-वे, हाई-वे निर्माण के कारण गैर कृषि उपयोग में परिवर्तित हो रही है, जबकि सतत् बढ़ती हुई जनसंख्या को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए कृषि उत्पादन व उत्पादकता में वृद्धि आवश्यक है। इस के लिए प्रदेश में बीहड़/बंजर/जलभराव क्षेत्रों के सुधार एवं उपचार के लिए प्रश्नगत योजना प्रस्तावित है।

वृद्धि दर्ज की गयी

वर्ष 2017-18 से 2021-22 तक इन समस्याग्रस्त क्षेत्रों के उपचार के लिए पं दीन दयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना 05 वर्ष के लिये संचालित की गयी, जिसके अन्तर्गत 05 वर्षों में 157190 हेक्टेयर क्षेत्रफल भूमि को कृषि योग्य एवं अधिक उपजाऊ बनाया गया है। इस योजना में 332.00 करोड़ रुपये का व्यय हुआ। सर्वेक्षण के आधार पर परियोजना क्षेत्रों में विभिन्न फसलों में प्रति हेक्टेयर औसतन 8.58 कुंटल की वृद्धि पायी गयी है। साथ ही उपचारित क्षेत्र के कृषकों की आय में 48 प्रतिशत की वृद्धि तथा भू-जल स्तर में 1.42 मीटर की वृद्धि दर्ज की गयी है।

2 करोड़ मानव दिवस का सृजन सम्भावित है

इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बीहड़, बंजर एवं जल भराव क्षेत्रों को सुधारने के साथ-साथ कृषि मजदूरों की आवंटित भूमि का उपचार कराने तथा उन्हें आजीविका उपलब्ध कराने के लिए पं दीन दयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना का क्रियान्वयन वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक प्रस्तावित है। योजना के संचालन से समस्याग्रस्त भूमि के उपचार के उपरान्त कृषि उत्पादन व उत्पादकता में वृद्धि होगी। इससे कृषकों की आय एवं भू जल स्तर में भी वृद्धि होगी। योजना के संचालन से 5 वर्षों में 2 करोड़ मानव दिवस का सृजन सम्भावित है।

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