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PFI Ban : केंद्रीय गृह मंत्रालय ने PFI और उससे जुड़े संगठनों पर 5 साल का प्रतिबंध लगाया, आतंक कनेक्शन पर हुआ एक्शन, सरकार ने बताई ये वजहें

New Delhi : केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बड़ा एक्शन लेते हुए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पीएफआई (Popular Front of India – PFI) और उसके सहयोगी संगठनों को 5 साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद देश में खुशी और गम दोनों तरह का माहौल है। तमाम मुस्लिम संगठन और समुदाय के बड़े नेता भारत सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जता रहे हैं। वहीं हिंदूवादी संगठन खुशी मना रहे हैं।

हानिकारक हैं

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने को लेकर तमाम वजह गिनाई हैं। केंद्र ने कहा है कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और उसके सहयोगी संगठनों या संबद्ध संस्थाओं या अग्रणी संगठनों को गंभीर अपराधों में लिप्त पाया गया है। इसमें आतंकवाद और उसका वित्तपोषण, नृशंस हत्याएं, देश के संवैधानिक ढांचे की अवहेलना, सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ना आदि शामिल हैं, जो कि देश की अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता के लिए हानिकारक हैं।

इन संगठनों को किया गया बैन

इसलिए गृह मंत्रालय ने इस संगठन की नापाक गतिविधियों पर अंकुश लगाना आवश्यक पाया। देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और उसके सहयोगी संगठनों या संबद्ध संस्थाओं या अग्रणी संगठनों को विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 के प्रावधानों के अंतर्गत “विधिविरुद्ध संगठन” घोषित कर दिया है। इसमें रिहैब इंडिया फाउंडेशन (आरआईएफ), कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई), ऑल इंडिया इमाम काउंसिल (एआईआईसी), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स आर्गेनाइजेशन (एनसीएचआरओ), नेशनल विमेंस फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन, केरल शामिल हैं।

15 राज्यों में हुई छापेमारी

राष्ट्रीय जांच एजेंसी, प्रवर्तन निदेशालय और राज्य पुलिस बलों ने संयुक्त रूप से भारत भर में पीएफआई नेताओं और सदस्यों के घरों और कार्यालयों पर तलाशी का समन्वय अभियान चलाया था। इसके तहत देश के 15 राज्यों में 93 स्थानों पर तलाशी ली गई, जिसमें पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। जिन राज्यों में छापे मारे गए उनमें आंध्र प्रदेश (4 स्थान), तेलंगाना (1), दिल्ली (19), केरल (11), कर्नाटक (8), तमिलनाडु (3), उत्तर प्रदेश (1), राजस्थान (2 स्थान), हैदराबाद (5), असम, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा, पश्चिम बंगाल, बिहार और मणिपुर शामिल हैं।

आपत्तिजनक संलिप्तता मिली

“निरंतर इनपुट और सबूत” के बाद एनआईए ने दर्ज पांच मामलों के संबंध में तलाशी ली थी। अब तक पता चला है कि पीएफआई नेता और कैडर आतंकवाद और आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण में शामिल थे, सशस्त्र प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित करते थे और लोगों को प्रतिबंधित संगठन में शामिल होने के लिए कट्टरपंथी बनाते थे।

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