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बहराइच में आदमखोर भेड़िए का आतंक : 6 मासूमों पर हमला, दस मौतें और दर्जनों घायल

उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद में मनझारा तौकली और कैसरगंज इलाके में आदमखोर वन्य जीवों का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है।

बहराइच जिले में आदमखोर भेड़ियों का आतंक अब भयावह रूप ले चुका है। कैसरगंज के गोडहिया नंबर 3 के मल्लाहन पुरवा गांव में शनिवार देर रात एक दर्दनाक घटना हुई, जब एक भेड़िया चार महीने के मासूम को घर के अंदर घुसकर उसकी मां की गोद से छीन ले गया। मां अपने बच्चे को दूध पिला रही थी, तभी अचानक वन्य जीव अंदर आया और बच्चे को उठाकर गन्ने के खेत की ओर भाग गया। कई घंटों की तलाश के बाद गांव वालों को केवल बच्चे के कपड़े और सिर की कुछ हड्डियां मिलीं।

यह घटना गांव में पिछले पाँच दिनों में दूसरी मौत है। इससे पहले इसी गांव में “स्टार” नाम के बच्चे को भी भेड़िया उठा ले गया था, जबकि कनिष्का नाम की बच्ची घायल हुई थी। 9 सितंबर से अब तक मनझारा तौकली और आसपास के क्षेत्रों में हमलों की यह दसवीं मौत है और पांच दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं।

मासूम बच्चे आसान निशाना बन रहे हैं

9 सितंबर को पहली घटना ज्योति नाम की 4 वर्षीय बच्ची के साथ हुई। मां खाना खिला रही थी, तभी कोई वन्य जीव उसे उठा ले गया। रातभर खोजने के बाद अगली सुबह उसका क्षत-विक्षत शव घर से करीब 800 मीटर की दूरी पर मिला।

11–12 सितंबर को मंझारा तौकली के भौरी बहोरवा में तीन माह की संधिया को उसकी मां राजश्री की गोद से उसी समय उठा ले जाया गया, जब वह बच्ची को दूध पिला रही थी। सुबह केवल बच्ची का सिर और पहनी हुई एक लाकेट बरामद हुई।

20 सितंबर को ग्राम गंदू झाला में 3 वर्षीय अंकेश अपने आंगन में बहन के साथ खेल रहा था, तभी दो भेड़िए उसे उठा ले गए। मां उस समय रसोई में खाना बना रही थी। गन्ने के खेत में वन्य जीवों के घुस जाने के बाद भी कई दिनों की तलाश के बावजूद बच्चे का कोई पता नहीं चल सका।

24 सितंबर को बाबा पटाव गांव की 4 वर्षीय सोनी को दोपहर 3 बजे एक भेड़िया आंगन से उठा ले गया। ग्रामीण पीछा करते हुए खेत तक पहुंचे, लेकिन तब तक वह बच्ची का बायां हाथ खा चुका था। घायल बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

कैसरगंज तहसील के गोडहिया गांव में भी एक 5 वर्षीय बच्चे को घर के बाहर खेलते समय भेड़िया उठा ले गया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर उसने बच्चे को छोड़ दिया, लेकिन तब तक मासूम के दोनों हाथ घायल हो चुके थे। इलाज के लिए लखनऊ ले जाते समय उसकी मौत हो गई।

ताज़ा घटना मल्लाहन पुरवा की ही है, जहाँ रात 12:30 बजे घर के अंदर सो रहे चार महीने के बच्चे को भेड़िया उठा ले गया। अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है, और गांव में दहशत का माहौल गहरा गया है।

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