उत्तर प्रदेशखबरें

प्रोन्नति : कॉलेजियम ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के लिए 5 नामों की सिफारिश फिर दोहराई

इलाहाबाद उच्च न्यायालय

Uttar Pradesh : प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण की अध्यक्षता वाले उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम ने 5 अधिवक्ताओं को इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) के न्यायाधीश के तौर पर पदोन्नत करने की अपनी अनुशंसा को फिर दोहराया है।

कॉलेजियम में न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति एएम खानविलकर भी शामिल हैं। कॉलेजियम ने 2 और अधिवक्ताओं सौरभ श्रीवास्तव और ओमप्रकाश शुक्ला के नाम का प्रस्ताव भी इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के तौर पर प्रस्तावित किया है।

5 नाम ये हैं

इलाहाबाद उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों के लिए जिन अधिवक्ताओं के नाम की सिफारिश कॉलेजियम ने फिर की है, उनमें शिशिर जैन, मनु खरे, ऋषद मुर्तजा, ध्रुव माथुर और विमलेन्दु त्रिपाठी शामिल हैं।

इनकी सिफारिश की
एक अन्य फैसले में कॉलेजियम ने न्यायिक अधिकारी राधाकृष्ण अग्रवाल और अधिवक्ता राकेश मोहन पांडे के नाम को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के तौर पर पदोन्नत करने के लिये मंजूरी दी है।

मंजूरी दे दी है
कॉलेजियम ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के उच्च न्यायालय में न्यायिक अधिकारी राजेश सेखरी को न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।

14 जुलाई को लिया फैसला
तीन सदस्यीय कॉलेजियम ने 14 जुलाई को हुई बैठक में यह फैसला लिया और प्रस्ताव सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड किया गया।

Related posts

Uttar Pradesh: सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री वितरित की, कही ये बड़ी बात

Sunil Kumar Rai

दाम्पत्य विवादों को सुलझाने में भी अहम साबित हुईं लोक अदालतें : हजारों घर टूटने से बचे, संवरीं हजारों जिंदगियां

Rajeev Singh

Association Election : दीपक गर्ग फिर चुने गए सिविटेक स्टेडिया के अध्यक्ष, जानें नई कार्यकारिणी

Sunil Kumar Rai

डीएम और एसपी ने की जनसुनवाई : 9 शिकायतों का तुरंत हुआ निस्तारण, 4 तहसीलों में 174 प्रकरण आए

Sunil Kumar Rai

योगी के यूपी में बेरोजगारी दर घटकर हुई 2.6 फीसदी : मिशन रोजगार के तहत सीएम लगातार दे रहे युवाओं को नियुक्ति पत्र

Shweta Sharma

गोरखपुर में स्थापित होगा उत्तर भारत का पहला परमाणु संयंत्र : 10 एटमिक रिएक्टर की स्थापना करेगी मोदी सरकार

Pushpanjali Srivastava
error: Content is protected !!