कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का दावा : प्रदेश में उर्वरक की कोई कमी नहीं

-कृषि मंत्री ने अधिकारियों के साथ समीक्षा की
-उर्वरक निर्माता कम्पनियां आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष अवशेष उर्वरक की शीघ्र आपूर्ति कराएं
-आगामी एक सप्ताह के अन्दर उर्वरक की कुल 19 रैक की आपूर्ति होगी
-अन्तर्राज्यीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय सीमावर्ती जनपदों में उर्वरक बिक्री पर सख्त निगरानी रखने की आवश्यकता

Uttar Pradesh : प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही (Surya Pratap Shahi) ने कहा है कि राज्य के सभी जनपदों में रासायनिक खाद यूरिया, डीएपी तथा एनपीके का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। कहीं भी उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि उर्वरक निर्माता कंपनियों से आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष अवशेष उर्वरक की शीघ्र आपूर्ति सुनिश्चित करायें। प्रदेश के जिन जनपदों में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष उर्वरकों की उपलब्धता कम है, वहां प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। किसी भी जनपद में उर्वरक की कमी के कारण किसानों को कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए।

1 हफ्ते में होगी आपूर्ति

कृषि मंत्री आज विधान भवन में स्थित अपने कार्यालय कक्ष में कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण के सम्बन्ध में समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में अफसरों ने कृषि मंत्री को अवगत कराया कि आगामी एक सप्ताह के अन्दर उर्वरक की कुल 19 रैक, आरसीएफ द्वारा 08 रैक, आईपीएल द्वारा 5 रैक, कृभको द्वारा 1 रैक तथा इफको द्वारा 5 रैक जनपदों में आपूर्ति की जायेगी।

ये है उपलब्धता

समीक्षा बैठक में बताया गया कि आज तक की स्थिति के अनुसार प्रदेश में रबी सीजन 2021 के लिए 3.36 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 1.91 लाख मी. टन एनपीके सहित कुल 5.27 लाख मी. टन फास्फेटिक खाद की उपलब्धता है। प्रदेश में कहीं भी उर्वरक की कोई कमी नहीं है।

मंत्रालय न दिया भरोसा

कृषि मंत्री को बताया गया कि विगत दिनों केन्द्रीय कृषि मंत्री, भारत सरकार के साथ प्रदेश में उर्वरक की उपलब्धता एवं मांग के सम्बन्ध में विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई थी। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने आगामी 10 नवम्बर, 2021 तक 3 लाख मी. टन डीएपी एवं 0.50 लाख मी. टन एनपीके की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया है।

निश्चित मात्रा में मिले उर्वरक

कृषि मंत्री ने कहा कि अन्तर्राज्यीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय सीमावर्ती जनपदों में उर्वरक बिक्री पर सख्त निगरानी रखने की आवश्यकता है। उर्वरक वितरण में पूर्ण पारदर्शिता रखी जाये। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाये जाने पर सम्बन्धित के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। किसानों को पहचान पत्र के आधार पर उनकी जोत एवं फसल के लिए संस्तुत मात्रा के अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। ताकि महंगे उर्वरकों का असंतुलित प्रयोग एवं कृषि के अतिरिक्त अन्य कार्यों में दुरूपयोग को नियंत्रित किया जा सके।

सावधानी बरती जाए

उन्होंने कहा, जहां पर कालाबाजारी, जमाखोरी या निर्धारित विक्रय मूल्य से अधिक दरों पर बिक्री की शिकायत प्राप्त हो या जिन-जिन क्षेत्रों में उर्वरकों की मांग अधिक है, वहां किसानों की अधिक संख्या में आने की आशंका को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय अधिकारियों की निगरानी में उर्वरक का वितरण कराया जाए। यह भी सुनिश्चित कराया जाए कि फुटकर विक्रेता बिना जोत-बही के डीएपी का विक्रय न करें। बैठक में कृषि निदेशक विवेक सिंह, संयुक्त निदेशक (फर्टिलाइजर) अनिल कुमार पाठक एवं संयुक्त निदेशक (ब्यूरो) आरके सिंह उपस्थित थे।

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