एप्रोच मार्ग पर विशेष ध्यान दे प्रशासन : आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने की बैठक, बाढ़ से हुए नुकसान की मांगी रिपोर्ट

Deoria News : राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल सेवानिवृत्त रविंद्र प्रताप शाही (Ravindra Pratap Shahi) ने सोमवार को विकास भवन स्थित गांधी सभागार में जनपद में आपदा प्रबंधन की योजनाओं के कार्यान्वयन के संबंध में समीक्षा बैठक की।

उन्होंने कहा कि हाल में आए बाढ़ को ध्यान में रखकर अभी से भविष्य के लिए कार्य योजना बना ली जाए। उन्होंने बाढ़ नियंत्रण विभाग को निर्देशित किया कि अभी से जनपद के समस्त तटबन्धों का निरीक्षण कर उसकी भौतिक स्थिति जांच ली जाए। यदि कहीं कोई कमी दिखे तो अगले मानसून से पूर्व उसे दुरुस्त कर लिया जाए।

उन्होंने कहा कि पुल को जोड़ने वाले एप्रोच मार्ग पर विशेष देने की आवश्यकता है। हाल के दिनों में कई जनपदों में ऐसा देखने को मिला है कि नदी के तेज बहाव ने एप्रोच मार्ग को क्षतिग्रस्त कर दिया है। उन्होंने पिड़रा पुल (Pidra Pul) पर गोर्रा नदी के किये जा रहे कटान के स्थायी समाधान के लिए कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया।

उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मुख्य विकास अधिकारी को आपदा न्यूनीकरण के दृष्टिगत सेंदाई फ्रेमवर्क के अनुरूप जनपद का विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक इस अंतरराष्ट्रीय फ्रेमवर्क का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। बाढ़ की वजह से हुई फसल क्षति का आंकलन करके शीघ्र शासन को भेजा जाए, जिससे किसानों को उचित मुआवजा दिया जा सके।

उन्होंने जनपद में बनने वाले प्रत्येक आवास पर अनिवार्य रूप से आकाशीय बिजली से बचने के लिए लाइटनिंग अरेस्टर (विद्युत निरोधक) लगाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। आकाशीय बिजली से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है। साथ ही उन्होंने दामिनी एप के प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया।

उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आगामी ठंड के दृष्टिगत समय से कंबल वितरित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शीतलहर शुरू होने से पहले प्रत्येक जरूरतमंद तक पहुंचकर ठंड से बचाव के लिए कंबल उपलब्ध कराने के साथ ही चिन्हित स्थलों पर अलाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित करा ली जाए।

उन्होंने हाल में जनपद के कुछ हिस्सों में आये बाढ़ के संबन्ध में भी जानकारी प्राप्त की तथा जलभराव की समाप्ति के उपरांत संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए बाढ़ प्रभावित रहे समस्त 57 गांवों में फॉगिंग, एंटी लार्वा दवा का छिड़काव एवं साफ-सफाई के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया।

समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार, सीएमओ डॉ राजेश कुमार झा, एडीएम वित्त एवं राजस्व नागेंद्र कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी रवि शंकर राय, सीवीओ डॉ पीएन सिंह, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी आरके सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई दुर्गेश गर्ग, जिला कृषि अधिकारी मोहम्मद मुजम्मिल, ईओ नगर पालिका रोहित सिंह सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।

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