देवरिया सदर रेलवे स्टेशन : पार्किंग के नाम पर हो रही अवैध वसूली, ना जगह तय ना ठेकेदार का पता

Deoria News : देवरिया सदर रेलवे स्टेशन (Deoria Sadar Railway Station) पर वाहन स्टैंड के नाम पर अवैध वसूली बंद होने का नाम नहीं ले रही। सोशल मीडिया पर निवासियों के आक्रोश जताने के बाद बीच में ठेकेदार ने कुछ समय के लिए पार्किंग बंद कर दी थी। लेकिन अब फिर पार्किंग का माफिया तंत्र एक्टिव हो गया है।

दरअसल देवरिया सदर रेलवे स्टेशन पर वाहनों को पार्किंग शुल्क देना होता है। बड़ी बात यह है कि वहां पार्किंग से जुड़ी कोई जानकारी, साइन बोर्ड उपलब्ध नहीं है। यहां तक कि दी जाने वाली रसीद पर सीरियल नंबर तक प्रिंटेड नहीं है। इसको लेकर निवासियों में भारी नाराजगी है।

बिना सीरियल नंबर के रसीद मिली

शहर के सामाजिक कार्यकर्ता नवनीत अग्रवाल आज सुबह सदर रेलवे स्टेशन गए थे। वहां मौजूद शख्स ने उनसे पार्किंग मांगी। जब सामाजिक कार्यकर्ता ने ठेकेदार की जानकारी मांगी, तो शख्स ने इंकार कर दिया। उसे ठेकेदार या रसीद पर सीरियल नंबर नहीं होने के बारे में कोई जानकारी है।

अवैध वसूली हो रही

नवनीत अग्रवाल ने कहा कि सदर रेलवे स्टेशन पर वाहन स्टैंड के नाम पर अवैध रूप से वसूली हो रही है। यहां न तो पार्किंग स्टैंड का कोई साइन बोर्ड लगा है और ना ही दी जाने वाली रसीद पर सीरियल नंबर लिखा है। यह माफिया तंत्र का खुला खेल है। अफसरों की मिलीभगत से अवैध वसूली का कारोबार चल रहा है। रसीद पर सीरियल नंबर नहीं होने से यह पता लगा पाना असंभव है कि रोजाना कितने वाहनों से पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली हो रही है।

ये होना चाहिए

हर रेलवे स्टेशन पर पार्किंग के लिए एरिया निर्धारित रहता है। वहां ठेकेदार के बारे में जानकारी, पार्किंग की दरें और शिकायत के लिए संबंधित अफसरों के नंबर लिखे रहते हैं। ताकि असुविधा होने पर लोग उनसे संपर्क कर सकें और समस्या बताकर उसका समाधान करा सकें।

कोई जानकारी नहीं है

लेकिन देवरिया सदर रेलवे स्टेशन पर ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। वहां सिर्फ ठेकेदार का एक आदमी मौजूद है, जो आने जाने वाले हर वाहन चालक से जबरन पार्किंग के नाम पर वसूली कर रहा है। बड़ी बात है कि उसे ठेकेदार के बारे में भी कुछ पता नहीं, जबकि नागरिकों का अधिकार है कि वे पार्किंग ठेकेदार से लाइसेंस की कॉपी लेकर देख सकें।

शिकायत की है

नवनीत अग्रवाल ने पार्किंग के नाम पर हो रहे इस अवैध वसूली को सोशल मीडिया पर उठाया है। उन्होंने मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे, पूर्वोत्तर रेलवे और दूसरे अन्य संबंधित विभागों, अफसरों को इस से अवगत कराया है। लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन भी इस मामले में दखल दे और अवैध वसूली बंद कराए।

उम्मीदें हैं

खास तौर पर देवरिया के नए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह (Jitendra Pratap Singh IAS) से लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं। उनके आने के बाद से जनपद में भ्रष्टाचारियों और माफिया तंत्र पर जोरदार प्रहार हुआ है। कलेक्ट्रेट से लेकर ग्राम पंचायत सदस्य स्तर तक के भ्रष्टाचारी अपने काले कारनामे छिपाने में लगे हैं।

सब निजी ठेकेदारों के हाथ में है

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर सन्नी निषाद ने लिखा है कि पूरे उत्तर प्रदेश का यही हाल है। रेलवे स्टेशन की पार्किंग, मॉल और सिनेमा घरों की पार्किंग, शॉपिंग सेंटर व बाजारों की पार्किंग सब जगह निजी ठेकेदारों का कब्जा है। सरकार को राजस्व ना देकर पार्किंग के नाम पर जनता से पैसे वसूले जा रहे हैं।

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