देवरिया : युवक की मौत को आत्महत्या बता रही पुलिस, 4 दिन बाद तक दर्ज नहीं हुआ मामला, परिजनों ने लगाए ये आरोप

मृतक आशीष राय

-26 दिसंबर की रात घर से निकला था युवक
-अगले दिन 27 दिसंबर की सुबह रेलवे ट्रैक पर मिला था शव
-मोबाइल कॉल रिकॉर्ड के मुताबिक आखिरी बातचीत एक महिला से हुई थी
-पुलिस ने आत्महत्या बताकर मामले को रफा-दफा किया

Deoria News : बीते 27 दिसंबर की सुबह गौरी बाजार और बैतालपुर के बीच रेलवे ट्रैक पर मिले एक 24 साल के युवक की मौत के मामले में गौरी बाजार पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस मामले को आत्महत्या बता कर परिवार को इंसाफ से वंचित रख रही है। ऐसी कोई वजह नहीं थी, जिसके चलते उसे अपनी जान देनी पड़े। परिजन और करीबी पिछले 3 दिन से गौरी बाजार पुलिस से मामला दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की जांच करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हो पाई है।

घटना देवरिया के गौरी बाजार थाना क्षेत्र के रसौली गांव की है। गांव के दिग्विजय राय के 24 साल के इकलौते पुत्र आशीष राय का शव 27 दिसंबर की सुबह गौरी बाजार और बैतालपुर के बीच रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत हालत में मिला था। आशीष दो परिवारों का इकलौता चिराग था। डेड बॉडी मिलने की सूचना पुलिस ने ही परिजनों को दी थी। लेकिन इस मामले में गौरी बाजार पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने से इंकार कर रही है। पुलिस का कहना है कि युवक ने आत्महत्या की थी, जबकि परिजन पुलिस की थ्योरी से सदमे में हैं। गमजदा परिवार और करीबी पिछले 3 दिन से मामला दर्ज कराने की उम्मीद के साथ थाने के चक्कर लगा रहे हैं।

4 दिन पहले निकला था घर से

इस पूरे मामले में परिजन पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं। पीड़ित के एक करीबी ने बताया कि 26 दिसंबर की शाम 7:00 बजे आशीष घर पर था। खाने-पीने की तैयारियां चल रही थी। इसी दौरान उसे पड़ोसी गांव लक्ष्मीपुर, थाना महुआडीह से एक कॉल आई। इसके बाद वह घर से निकल गया। उस नंबर से आशीष को लगातार कॉल की गई थी और आखिरी बातचीत रात करीब 8:15 बजे हुई। जब देर रात तक आशीष वापस नहीं आया, तब परिजनों ने उसे तलाशना शुरू किया। उसके मोबाइल नंबर पर बार-बार कॉल किया गया। लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। ऊहापोह में फंसे और अनहोनी से अनजान परिजनों ने उस रात पुलिस को सूचना न दी। अगले दिन सुबह उसका शव रेलवे ट्रैक पर मिला।

महिला ने किया था कॉल

मृतक के रिश्तेदारों का कहना है कि उसके शव से करीब 400 मीटर दूर सुनसान इलाके में उसकी बाइक बरामद की गई थी। जबकि उसका मोबाइल रेलवे ट्रैक पर मिला। उससे स्पष्ट हुआ था कि लक्ष्मीपुर से एक महिला ने उसे बार-बार कॉल किया था। आखिरी बातचीत उसी महिला से रात 8:15 बजे के आसपास हुई थी। परिजनों का कहना है कि युवक को बुलाकर उसकी हत्या की गई और इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को रेलवे ट्रैक पर रखा गया। आशीष की मौत से पूरा गांव और इलाके के लोग गमजदा हैं।

आत्महत्या का रूप दिया गया

मृतक के एक करीबी अरविंद राय ने बताया, हम बार-बार पुलिस से मामला दर्ज करने की गुहार लगा रहे हैं। मोबाइल की कॉल रिकॉर्ड के मुताबिक, उसे बुलाकर साजिश के तहत उसकी हत्या की गई है। इसे आत्महत्या का रूप दिया जा रहा है। यहां तक कि आशीष की जेब से शराब की आधी इस्तेमाल की हुई बोतल मिली थी। जबकि पुलिस ने परिजनों को बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आशीष के शराब सेवन जैसी कोई जानकारी नहीं आई है। ऐसे में यह साफ है कि इस पूरे मामले को सुसाइड का रूप दिया जा रहा है।

परिवार सदमे में है

उन्होंने आगे बताया, आशीष दो परिवार में एकलौता लड़का था। वह दो बहनों का इकलौता भाई था। पारिवारिक स्थिति सामान्य थी। ऐसी कोई वजह नहीं थी, जिसके चलते उसे आत्महत्या जैसा घिनौना कदम उठाना पड़े। अपने इकलौते जवान बेटे के मौत की सूचना मिलने के बाद से माता का रो-रो कर बुरा हाल है। उसकी बहनें और सगे-संबंधी बेसुध पड़े हैं। उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि अब आशीष उनके बीच नहीं रहा।

आस लिए थाने गए हैं परिजन

बड़ी बात यह है कि गौरी बाजार पुलिस मामले में ढिलाई बरत रही है। बीते 3 दिनों में पुलिस ने अब तक मोबाइल की कॉल रिकॉर्ड तक को देखने की जेहमत नहीं उठाई है। परिजनों को धमकाकर थाने से भगाया जा रहा है। उनका कहना है कि ऐसे में उन्हें इंसाफ कैसे मिलेगा? इस पूरे मामले में फास्ट यूपी न्यूज़ ने गौरी बाजार के थाना प्रभारी से बात करने की कोशिश की। लेकिन उनके सीयूजी नंबर पर कोई जवाब नहीं मिला। परिजन और करीबी आज भी मामला दर्ज कराने की उम्मीद के साथ थाने पहुंचे हैं।

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