देवरिया प्रशासन की बड़ी कार्रवाई : 13 विक्रेताओं के उर्वरक बेचने पर प्रतिबंध, 58 केंद्रों पर हुई छापेमारी

Deoria News : जिला कृषि अधिकारी मुहम्मद मुजम्मिल ने बताया है कि अपर मूख्य सचिव (कृषि) उप्र शासन एवं जिलाधिकारी के आदेश के परिपालन में शनिवार को जनपद के उर्वरक निरीक्षकों एवं उप जिलाधिकारी की संयुक्त टीम ने देवरिया में कुल 58 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। टीमों ने सन्देह के आधार पर कुल 42 उर्वरकों के नमूने ग्रहित किए तथा दुकानें बन्द कर पलायित होने के कारण कुल 6 उर्वरक प्रतिष्ठानों को निलम्बित करते हुए 13 उर्वरक विक्रेताओं का उर्वरक बिक्री प्रतिबन्धित करते हुए कारण बताओ नोटिस निर्गत किया गया।

देवरिया सदर तहसील में उप जिलाधिकारी देवरिया सदर एवं जिला कृषि अधिकारी देवरिया की संयुक्त टीम द्वारा 30 उर्वरक दुकानों पर छापेमारी कर सन्देह के आधार पर 28 उर्वरको के नमूने ग्रहित किया गया तथा 10 उर्वरक विक्रेताओं द्वारा दुकान बन्द कर पलायित होने के कारण उनको कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

बरहज तहसील में भूमि संरक्षण अधिकारी देवरिया द्वारा 05 उर्वरक दुकानों पर छापेमारी कर सन्देह के आधार पर 02 उर्वरक के नमूने ग्रहित किया गया। भाटपार रानी तहसील में उप जिलाधिकारी भाटपार रानी एवं जिला कृषि रक्षा अधिकारी देवरिया के द्वारा कुल 12 उर्वरक दुकानों पर छापेमारी कर सन्देह के आधार पर 04 उर्वरको के नमूने ग्रहित किए गये तथा 06 उर्वरक विक्रेताओं द्वारा दुकान बन्द कर पलायित होने के कारण उनका उर्वरक लाइसेन्स निलम्बित करने हेतु संस्तुति प्रदान की गयी।

सलेमपुर तहसील में उप जिलाधिकारी सलेमपुर एवं उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी देवरिया सदर द्वारा संयुक्त रूप से 07 उर्वरक दुकानो पर छापेमारी कर 03 उर्वरक के नमूने ग्रहित किए गये तथा 02 उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस निर्गत किया गया। रूदपुर तहसील में तहसीलदार रूद्रपुर एवं अपर जिला कृषि अधिकारी देवरिया के द्वारा कुल 04 उर्वरक दुकानो पर छापेमारी कर सन्देह के आधार पर 05 उर्वरको के नमूने ग्रहित किए गए तथा 01 उर्वरक विक्रेता को दुकान बन्द कर पलायित हो जाने के कारण कारण बताओ नोटिस निर्गत किया गया।

निरीक्षण के समय सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि मुख्य उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादो की टैगिंग कदापि न किया जाए। साथ ही साथ स्टाक बोर्ड / रेट बोर्ड व पीओएस मशीनों की भी जांच की गयी तथा उर्वरक विक्रेताओं को कड़े निर्देश दिये गये कि कृषकों को उनके आधार कार्ड पर पीओएस मशीन से ही उर्वरकों की विक्री करें तथा कृषको को रसीद अवश्य उपलब्ध कराएं।

उन्होंने कहा कि उर्वरक प्रतिष्ठानों पर हर हाल में फलैक्स बोर्ड (रेट बोड) लगाएं तथा उर्वरक की मात्रा व दर अवश्य अंकित करें। अगर किसी उर्वरक विक्रेता द्वारा अधिक दर पर या जबरन टैगिंग कर उर्वरकों का विक्रय किया जाता है या कालाबाजारी की जाती है, तो उसके विरूद्ध उर्वरक नियन्त्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अन्तर्गत कार्रवाई की जाएगी। उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापे की कार्रवाई निरन्तर आगे भी जारी रहेगा।

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