यूपी : 18 मंडलों का दौरा करेगी कैबिनेट मंत्रियों की 18 टीमें, जानें सीएम योगी ने क्यों दिया ये आदेश

YOGI ADITYANATH

Uttar Pradesh : सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि कैबिनेट मंत्रिगण का समूह बनाकर उन्हें फील्ड में भेजा जाएगा। कैबिनेट मंत्रियों की अध्यक्षता में 18 मंडलों के लिए 18 टीमें गठित कर 18 सप्ताह के लिए कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। यह टीमें हर मंडल में 72 घंटे का प्रवास करेंगी तथा मण्डल के अलग-अलग जनपदों का भ्रमण करेंगी। भ्रमण के दौरान टीम लोगों से संवाद के साथ ही व्यवस्था की पड़ताल करेगी और जनपद की संभावनाओं की परख भी की जाएगी। इसके उपरान्त सभी 75 जनपदों के नोडल अधिकारी इन टीमों की रिपोर्ट के आधार पर 15 दिन के अंदर क्रियान्वयन की योजना प्रस्तुत करेंगे।

मुख्यमंत्री ने सचिवालय के भवनों में स्वच्छता और साफ-सफाई पर बल देते हुए कहा कि सचिवालय भवनों में पान-मसाला, गुटखा आदि वस्तुओं को पूरी तरह से प्रतिबन्धित किया जाए। सचिवालय भवनों में बिना वैध प्रवेश पत्र के किसी को भी प्रवेश न हो। सुनिश्चित किया जाए कि दलाल प्रकृति के व्यक्ति सचिवालय में प्रवेश न कर सकें। किसी भी पटल पर कोई भी पत्रावली 3 दिन से अधिक लम्बित नहीं रहनी चाहिए। सचिवालय भवनों को फसाड लाइटिंग सहित बेहतर लाइटिंग की व्यवस्था से प्रकाशित किया जाना चाहिए। फील्ड में तैनात अधिकारियों को अनावश्यक मुख्यालय न बुलाया जाए, उनके साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद बनाया जाए।

प्रशासनिक सुधार हों
सीएम ने कहा कि पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन के लिए आगामी 100 दिवसों में प्रदेश में कार्मिकों के पटल परिवर्तन की प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। ज्येष्ठता आधारित विभागीय प्रोन्नतियों में एकरूपता के लिए उपयुक्तता का मानक निर्धारित किया जाए। समय से पदोन्नति न होने से कार्मिक के मनोबल पर प्रतिकूल असर पड़ा है। सभी विभागों में सभी विभागीय प्रोन्नतियां 30 सितम्बर तक किया जाना सुनिश्चित करें। वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक के लिए वार्षिक स्थानान्तरण नीति वर्तमान माह के अंत तक जारी की जाए। विभागों के सीधी भर्ती के सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य रूप से इंडक्शन ट्रेनिंग की व्यवस्था लागू की जाए। हर प्रशासनिक विभाग द्वारा इंडक्शन ट्रेनिंग मॉड्यूल और वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार किया जाए।

100 दिन में हो काम
उन्होंने कहा कि सतत प्रयासों से कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग द्वारा गत वर्षों में बंदियों के रचनात्मक कार्यों को बढ़ावा दिया गया है। कारागारों में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है। इसे और सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता है। कारागारों की सुरक्षा के लिए अधिक से अधिक तकनीक का उपयोग किया जाए। 100 दिनों में सात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग इकाइयों का पुनर्स्थापन और कारागार मुख्यालय में मल्टी कॉन्फ्रेंस यूनिट की स्थापना की जाए। बंदियों की समय-पूर्व रिहाई के संबंध में लागू वर्तमान नीति में संशोधन की जरूरत को देखते हुए आगामी 100 दिनों में आवश्यक कार्रवाई कर ली जाए।

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